- अग्रवाल नेत्रालय के खिलाफ उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर : मोतियाबिंद का गलत आपरेशन करना डाक्टर साहब को भारी पड़ गया। जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने मंगलवार को आंख में हुए मोतियाबिंद का गलत आपरेशन करने के मामले को गंभीरता से संज्ञान लिया है। हॉस्पिटल के खिलाफ फैसला सुनाते हुए रुपए दस लाख पचास हजार 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है। मामला अग्रवाल नेत्रालय का है।
बाघनगर उर्फ बखिरा गांव के निवासी अब्दुल गफ्फार ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी की अधिवक्ता हिमांशी श्रीवास्तव के माध्यम से न्यायालय में दिनांक तीन अक्टूबर 2023 को वाद दाखिल कर कहा कि उनके दाहिने आंख में कुछ समस्या हो रही थी। उन्होंने सरौली, खलीलाबाद में स्थित अग्रवाल नेत्रालय में दिखाया। दिनांक चार फरवरी को रुपए 12 हजार नकद लेकर मोतियाबिंद का ऑपरेशन किया गया जबकि उनके पास आयुष्मान कार्ड भी मौजूद था। उन्हें अगले दिन डिस्चार्ज किया गया। वह चिकित्सक के बताए अनुसार नियमित रुप से दवा का प्रयोग करते रहे, बावजूद इसके उनके दाखिने आंख से दिखाया देना बिल्कुल बंद हो गया। इस बात की सूचना डॉक्टर साहब को देने पर कहा गया कि दवा का सेवन एक माह तक करो, पुनः आकर दिखा लेना, सब ठीक हो जायेगा। वह भारी फीस लेकर डेढ़ वर्ष तक इलाज करते रहे, परंतु कोई लाभ नही हुआ। उसके बाद वह लखनऊ दिखाए जहां बताया गया कि गलत आपरेशन हुआ है। इस वजह से रोशनी पुनः वापस नही आएगी। इसी बीच 14 फरवरी 2024 को उनकी मृत्यु हो गई। मुकदमें का संचालन उनके पत्नी व वारिसों के द्वारा किया गया।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने उपरांत हॉस्पिटल के खिलाफ फैसला सुनाते हुए दवा इलाज खर्च रुपए 40 हजार आपरेशन करने के दिनांक से वास्तविक भुगतान की तिथि तक 10% ब्याज के साथ रुपए दस लाख 10 हजार बतौर क्षतिपूर्ति के रुप में 60 दिनों के भीतर अदा करने का आदेश दिया है।