भाकियू चढूनी ने डीएम को दिया ज्ञापन, मांगे न माने जाने पर दी आन्दोलन की चेतावनी


संत कबीर नगर (खलीलाबाद )-भारतीय किसान यूनियन चढूनी के वरिष्ठ प्रदेश महासचिव श्रीप्रकाश पांडेय के नेतृत्व मे संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर संगठन के कार्यकर्ताओ व पदाधिकारियों संग किसानों के विभिन्न मामलो को लेकर ज्ञापन प्रधानमंत्री भारत सरकार को सौपा।अपनी मांग पत्र मे संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने कहा कि आज राष्ट्रीय नेतृत्व के आवाहन पर पूरे देश मे संगठन के पदाधिकारियों द्वारा अपने अपने तहसील व जिला मुख्यालयों पर ज्ञापन दिया जा रहा है। ज्ञापन वर्तमान मे पंजाब हरियाणा बॉर्डर पर चल रहे किसान आंदोलन के संदर्भ में है। देश के ऐतिहासिक किसान आंदोलन 2020 की शेष रही मांगों सहित न्यूनतम समर्थन मूल्य (M.S.P.) को लेकर हरियाणा पंजाब के बॉर्डर पर किसान आंदोलनरत है। इस आंदोलन में किसान नेता सरदार जगजीत सिंह जी किसानो की माँगो को लेकर पिछले कई दिनो से मरणवर्त पर बैठे है, उनकी सेहत बेहद नाजुक स्थिति में है।आंदोलनरत किसानो की सभी माँगे जायज व तथ्यात्मक है, किसानो की इन माँगो का हमारे संगठन का पूर्ण समर्थन है सरकार को जल्द से जल्द आंदोलनरत किसानो से पुनः बातचीत शुरू कर सरदार जगजीत सिंह के जीवन को बचाया जाना चाहिए, अन्यथा देश भर के किसान अपनी माँगो को लेकर सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होगा।जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने अपनी मांग पत्र मे आगे बताया कि देश मे विपणन नीति के नए मसौदे में मंडी से बाहर प्राइवेट स्थान को भी मंडी मानना की शर्त ग़लत है इससे किसान को सीधा सीधा नुक़सान होगा क्योंकि मंडी के अंदर फसल को ख़रीदने वाले अधिक व्यापारी आते हैं। प्राइवेट स्थल को मंडी बनाने से फसल के भाव को लेकर होने वाली व्यापारियों की प्रतिस्पर्धा ख़त्म हो जाएगी, प्राइवेट स्थल पर केवल एक ही व्यापारी होगा जिससे किसानों को उनकी फ़सल का उचित दाम नहीं मिलेगा। दूसरा इससे राजस्व की हानि होगी जिससे गाँव की सड़के व विकास कार्य होते हैं। इस क़ानून से देश में बेरोजगारी बढ़ेगी और यह उन तीन क़ानूनों का हिस्सा है जिनका किसानो ने देश भर में विरोध किया था इसलिए इस मसौदे को तुरंत वापस लिया जाए।आगे कहा कि उत्तर प्रदेश में गन्ना का मूल्य 370 रूपया प्रति कुंतल है, पंजाब में 410 रूपया और हरियाणा में 400 रुपए प्रति कुंतल भाव है जबकि उत्तर प्रदेश में गन्ने से हरियाणा पंजाब की अपेक्षाकृत खपत ज्यादा है फिर भी गन्ने का मूल्य कम है गन्ने की लागत मूल्य भी दवाइयों आदि के कारण ज्यादा हो गया है, इसलिए उत्तर प्रदेश में 450 रुपए प्रति कुंतल भाव चाहिए जिसके लिए किसान लंबे समय से मांग कर रहे हैं।जिलाध्यक्ष ने आगे कहा कि बिजली का निजीकरण को रद्द किया जाय इससे किसान को मंहगी बिजली मिलेगी जिसको किसान वहन नहीं कर सकता, इसलिए निजीकरण को वापस किया जाय।श्री भट्ट ने आगे कहा कि उपरोक्त लंबित मांगों को तत्काल प्रभाव से लागू किया जाय मांगे पूरी ना होने की स्थिति में भारतीय किसान यूनियन चढूनी सभी राज्यों में आंदोलन करेगी।17 जनवरी को होगा बृहद आंदोलन।इस अवसर पर संगठन के जिलाध्यक्ष उमेश भट्ट ने और विभिन्न स्थानीय किसानो के मामलो को लेकर शिकायत एवं मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमे समस्त मांगो को जल्द से जल्द निराकरण की मांग किया। अन्यथा संगठन द्वारा 17 जनवरी को जिले पर भव्य आन्दोलन की चेतावनी दिया। जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी।