अवसाद के प्रति जन जन को करें जागरुक – डॉ मोहन झा
– सीएमओ कार्यालय के सभागार में आयोजित हुई मानसिक स्वास्थ्य पर गोष्ठी
– काउन्सिलिंग के जरिए मानसिक बीमारियों का इलाज होता है कामयाब
संतकबीरनगर 09 अक्टूर 2019
जितेन्द्र चौधरी

अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ मोहन झा ने कहा कि अवसाद के प्रति लोगों को जागरुक करने की आवश्यकता है। वर्तमान समय में आधुनिक जीवन शैली के चलते लोगों के बीच कई प्रकार से अवसाद की स्थिति पैदा हो जाती है। इसलिए यह जरुरी है कि इसको समय से पहचाने तथा उसका इलाज कराएं। ताकि यह समस्या गंभीर होकर पागलपन और आत्महत्या तक न पहुंचे।
उक्त बातें उन्होने सीएमओ कार्यालय में स्थित स्वास्थ्य सभागार में मानसिक स्वास्थ्य सम्बन्धित संगोष्ठी को सम्बोधित करते हुए कहीं। लोगों को सम्बोधित करते हुए उन्होने आगे कहा कि मानसिक बीमार लोगों के इलाज के लिए सबसे पहले परामर्श विधि अपनाना चाहिए। सीधे दवाओं का प्रयोग नहीं करना चाहिए। इसके जरिए मानसिक बीमारी के इलाज में बहुत ही सहायता मिलती है। इस दौरान डीपीएम संजीव श्रीवास्तव ने कहा कि इस बार विश्व स्वास्थ्य संगठन ने विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस 10 अक्टूबर की थीम को आत्महत्या से जोड़ते हुए ‘ आत्महत्या रोकने के लिए मिलकर काम करना’ तय की है। इससे यह स्पष्ट है कि अवसाद के चलते होने वाली आत्महत्याओं को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन किस कदर संवेदनशील बना हुआ है। इस संगोष्ठी में संयुक्त जिला चिकित्सालय के डॉ ए के श्रीवास्तव, डॉ अम्बिका प्रसाद गुप्ता, डॉ कुमार सिद्धार्थ, डॉ तन्वंगी मणि त्रिपाठी, अमरेन्द्र कुमार, सतीश गौड़, बलवन्त त्रिपाठी, सहायक जिला मलेरिया अधिकारी सुनील चौधरी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी व अन्य अधिकारीगण उपस्थित रहे।
चित्र परिचय –
सीएमओ कार्यालय के सभागार में मानसिक स्वास्थ्य पर आयोजित संगोषठी के दौरान मंचासीन अतिथिगण