80 टीमें आज से घर – घर करेंगी टीबी के मरीजों की खोज
– हर टीम में शामिल रहेंगे 3 सदस्य
– 23 अक्टूबर तक चलेगा यह अभियान
संतकबीरनगर 09 अक्टूबर 2019
जितेन्द्र चौधरी

टीम लीडरों को आवश्यक दिशा निर्देश देते हुए क्षय रोग विभाग के अधिकारी 
डॉ एसडी ओझा, जिला क्षय रोग अधिकारी
पुनरीक्षित टीबी रोगी खोजी अभियान 10 अक्टूबर से चलाया जाएगा। इसके लिए कुल 80 टीमें बनाई गई हैं। हर टीम में 3 सदस्य शामिल होंगे। यह अभियान आगामी 23 अक्टूबर तक निरन्तर चलता रहेगा। अभियान की पूर्व संध्या पर जिला क्षय रोग कार्यालय में टीमों को प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
केन्द्र सरकार के 2025 तक टी. बी. को जड़ से समाप्त करने के अभियान के तहत जिले में सक्रिय टी. बी. खोज अभियान चलाया जाएगा। आगामी 10 अक्टूबर से लेकर 23 अक्टूबर तक चलाए जा रहे इस अभियान के तहत कुल दो लाख व्यक्तियों से सम्पर्क करके उनमें से टी. बी. के मरीजों को चिन्हित करके उनको बेहतर इलाज प्रदान करने की व्यवस्था की गई है। इस अभियान को पूरा करने के लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाई जा रही है।
जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एस. डी. ओझा ने बताया कि जिले में सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान का इस सत्र का यह दूसरा चरण है। इस चरण में कुल दो लाख की जनसंख्या को कवर करते हुए मरीजों को खोजने के लिए टीमें लगाई जाएंगी। ये टीमें उन क्षेत्रों में नहीं जाएंगी, जहां पर अभियान पहले से ही चल चुका है। तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। गुरुवार को अभियान का शुभारंभ जिला क्षय रोग कार्यालय पर होगा।
जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनन्द ने बताया कि जिला क्षय रोग विभाग के द्वारा टीबी को जड़ से समाप्त करने के लिए चलाए जा रहे प्रत्येक अभियान से बेहतर इस अभियान की प्रगति रहती है। हम इस अभियान के तहत टीबी के वाहकों को मुख्य धारा से जोड़कर उनका उपचार करते हैं, ताकि इसका विस्तार न हो सके।
अब तक 145 मरीज हुए हैं चिन्हित
इस अभियान के अभी तक कुल 5 चरण चलाए जा चुके हैं। इस अभियान में कुल 10 लाख जनसंख्या को कवर किया गया। जिसमें से कुल 145 मरीज चिन्हित किए गए हैं। इन्हें आवश्यक दवाएं दी जा रही हैं। साथ ही साथ 500 रुपए मासिक पोषण भत्ता भी उनके खाते में पहुंचाया जा रहा है।
‘‘ सक्रिय टीबी रोगी खोज अभियान निरन्तर चलाया जाता है। इस सत्र का यह दूसरा अभियान होगा। इसकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिसमें दो लाख की जनसंख्या को कवर किया जाएगा। अभियान को मूर्त रुप देने के लिए माइक्रोप्लान तैयार हो चुका है। इसके लिए 80 टीमें बनाई गई हैं जो घर घर जाकर टीबी के मरीजों की खोज करेंगी।
डॉ एस डी ओझा
जिला क्षय रोग अधिकारी