जान लेने पर तुला जिला प्रशासन !
संतकबीरनगर
के के मिश्रा / हरीश सिंह
सन्त कबीर नगर – जिले की एक ऐसी सड़क जो बी एम सिटी के नाम से जानी जाती है जो मंडल मुख्यालय से निकल कर अधीनस्थ जनपद को चीरती हुई नेपाल बार्डर की तरफ निकल जाती है । जिस पर आज तक दुर्घटना सूचक चिन्ह / कस्बो व मोहल्लो सार्वजनिक स्थानो के सामने अंधा मोड़ संकरे रास्तो के किनारे दिशा सूचक चिन्ह न लगने के कारण प्रतिदिन होती रहती है जानलेवा दुर्घटनाये । उक्त सड़क पर चलने वाले लोग नही समझते है अपने – आप को सुरक्षित । जिस सड़क को हम बी एम सिटी मार्ग के नाम से जानते है । आखिर उन सब लापरवाहियो के पीछे कौन है जिम्मेदार ? जिला प्रशासन ? लोक निर्माण विभाग ? या स्थानीय राजनेता ?
सूत्रो से मिली जानकारी के मुताबिक बस्ती से मेहदावल जाने वाली बी एम सिटी मार्ग सन्त कबीर नगर की सीमा मे कठिनइया नदी पर पुल के पहले कोई डिवाइडर न होने के कारण दुर्घटना सूचक दिशा निर्देश और पुल के सकरा होने के कारण आये दिन मयवाहन दुर्घटनाये होती रहती है । लेकिन इन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियो , राजनेताओ , जन प्रतिनिधियो के कानो मे जूं तक नही रेंगती । शायद इन सबो की दृष्टि उक्त घटनाओ पर नही पड़ती क्यो कि इनके अपने लोग नही मरते है । इस सम्बन्ध मे स्थानीय ग्राम प्रधान लल्लन चौधरी ने बताया कि इसकी जानकारी सम्बन्धित लोगो तक पहुंचाई गयी लेकिन आज तक किसी ने इसको अमलीजामा नही पहनाया । बी एम सिटी के नाम से जानी जाने वाली मार्ग पर राष्ट्रीय राजमार्गो की तरफ छै चक्का से लेकर बीस चक्का तक भारी वाहनो का आवागमन बना रहता है । हजारो गांव सभाओ को जोड़ने वाली गांव व चौराहे है लेकिन किसी के सामने रैम्बलीग डिवाइडर सार्वजनिक स्थल स्कूल और हास्पिटल के सामने सड़क पर सांकेतिक चिन्ह नही लगा है जिससे प्रति वर्ष छोटी – बड़ी हजारो दुर्घटनाओ को अंजाम देती है उक्त सड़क । कैसे रोकी जायेगी ये दुर्घटनाये ? कब जागेगी जिला प्रशासन ? आने वाले समय मे बी एम सिटी मार्ग को मार्ग के नाम से न जानकर खूनी सड़क के नाम से जानी जायेगी ।