कृमि से मुक्त रहेंगे बच्चे, तभी मिलेगा उचित पोषण – सांसद
– बच्चों व किशोरों को कृमि मुक्त करने के लिए अभियान का हुआ शुभारंभ
– मापअप राउण्ड में 7 से 12 सितम्बर तक खिलाई जाएगी एलबेन्डाजॉल दवा
संतकबीरनगर, 6 सितम्बर 2019
जितेन्द्र चौधरी
जिले के सांसद ईन्जीनियर प्रवीण निषाद ने कहा कि जब बच्चे कृमि से मुक्त रहेंगे, तभी उन्हें उचित पोषण मिल सकता है। उचित पोषण के बिना शारीरिक विकास के साथ मानसिक विकास भी नहीं होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए यह अभियान चलाया जा रहा है। स्वास्थ्य विभाग के लोग सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं को समाज के अन्तिम व्यक्ति तक पहुंचाए, तभी यह अभियान सार्थक होगा।
यह बातें उन्होने जिला मुख्यालय पर स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय के प्रांगण में बच्चों को कृमि मुक्ति दवा एलबेण्डाजॉल खिलाने के अभियान का शुभारंभ् करते हुए कहीं। अभियान का माप अप राउंड 7 सितम्बर से शुरू होगा जिसमें छूटे हुए बच्चों को दवा खिलायी जाएगी। यह 12 सितम्बर तक चलता रहेगा। इस दौरान मौके पर विशिष्ट अतिथि के तौर पर उपस्थित जिलाधिकारी रवीश गुप्ता ने कहा कि बच्चों का कुपोषण और एनीमिया से मुक्त करने के लिए ही यह अभियान चलाया जा रहा है। अभियान को पूरी तरह से शत प्रतिशत सफल बनाने के लिए सभी अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी तरह से ईमानदारी से करें। सीएमओ डॉ हरगोविन्द सिंह ने बताया कि पिछले अभियान के दौरान हमने 87 प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाई थी। लेकिन इस बार अभियान से जुड़े हुए सभी लोग शत प्रतिशत बच्चों को दवा खिलाएं।
इस अवसर पर एसीएमओ आरसीएच डॉ मोहन झा, जिला सर्विलांस अधिकारी डॉ ए के सिन्हा, राष्ट्रीय किशोर स्वास्थ्य कार्यक्रम के समन्वयक दीनदयाल वर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक गिरिराज सिंह, एसीएमओ डॉ वी पी पाण्डेय, डीटीओ डॉ एसडी ओझा, अरबन कोआर्डिनेटर सुरजीत सिंह, मनीष मिश्रा, बीपीएम अभय त्रिपाठी, बीसीपीएम महेन्द्र त्रिपाठी, यूनीसेफ के बेलाल अहमद, एवीडेन्स ऐक्शन के राम मनोहर त्रिपाठी तथा कस्तूरबा विद्यालय के शिक्षक व शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
दवा की अनुपलब्धता के चलते देर से चला अभियान
कृमि मुक्ति दवा एलवेण्डाजॉल खिलाने वाले कार्यक्रम में विभागों के बीच समन्वय स्थापित करने वाली संस्था एवीडेंस एक्शन के जिला समन्वयक राम मनोहर त्रिपाठी बताते हैं कि पूरे प्रदेश में कृमि मुक्ति दिवस पर 29 अगस्त को ही अभियान चलाया गया। लेकिन कृमि से मुक्ति के लिए खिलाई जाने वाली दवा एलबेण्डाजॉल की अनुपलब्धता के चलते संतकबीरनगर समेत 6 जिलों में यह अभियान 6 सितम्बर से चलाया जा रहा है। अभियान की शुरुआत के बाद से 7 सितम्बर से लेकर 12 सितम्बर तक मॉप अप सप्ताह आयोजित किया जाएगा। इस दौरान 1 से लेकर 19 साल तक के ऐसे किशोर जिनको यह दवा नहीं खिलाई गई होगी उनको खोजकर यह दवा खिलाई जाएगी, ताकि कोई भी दवा खाने से न छूटे।
इस तरह से खिलानी है दवा
एलबेण्डाजॉल दवा खिलाने के लिए जो मानक तय किए गए हैं उसके तहत दो वर्ष तक के बच्चों को आधी गोली चूरा बनाकर खिलानी है। जबकि 2 साल से अधिक आयु के लोगों को 1 गोली चबाकर खानी है। गोली खाने के बाद पानी पी लेना है ताकि वह पूरी तरह से उदरस्थ हो जाए। दवा शिक्षक या आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के सामने ही खिलाई जाएगी। दवा घर लेकर जाने की मनाही है। बीमार बच्चों को यह दवा तभी खिलानी है जब वह स्वस्थ हो जाएं।
6.18 लाख बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य
जिले में कुल 10 क्षेत्र हैं, जिनमें 9 ग्रामीण और एक शहरी क्षेत्र है। इन क्षेत्रों में स्थापित 2115 सरकारी व सरकारी सहायता प्राप्त स्कूल हैं। इनमें करीब 4.14 लाख बच्चे नामांकित हैं। वहीं आंगनबाड़ी केन्द्रों की संख्या 1765 है। इन आंगनबाड़ी केन्द्रों में 1 से 5 वर्ष के करीब 1.52 लाख बच्चे पंजीकृत हैं। वहीं 51,483 ऐसे बच्चे हैं जो स्कूल नहीं जाते हैं। इस प्रकार 1 से लेकर 19 साल तक के करीब 6.18 लाख बच्चों को कृमि से मुक्ति के लिए दवा खिलाई जाएगी।
कृमि से मुक्ति के उपाय
कृमि से मुक्ति के लिए नाखून हमेशा साफ और छोटे रखें, हमेशा साफ पानी ही पिएं, खाने को ढककर रखे, फल और सब्जियों को साफ पानी में धोएं, खाने से पहले और शौच के बाद अपने हाथ साबुन से धोएं, घरों के आसपास सफाई व्यवस्था बनाए रखें, खुले में शौच न करें।
कृमि संक्रमण के लक्षण
कृमि संक्रमण पनपने से बच्चे कुपोषित हो जाते हैं।
बच्चों के शरीर में खून की कमी हो जाती है।
बच्चों का शारीरिक व मानसिक विकास बाधित हो जाता है।
बच्चों में रोग प्रतिरोधक क्षमता की कमी हो जाती है।
बच्चों को हमेशा थकान महसूस होती रहती है।


