वसीम रिज़वी की गिरफ़्तारी की मांग।
पैग़ंबर-ए-इस्लाम पर लिखी विवादित किताब पर पाबंदी लगाई जाए – मुफ़्ती अख़्तर
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

त्रिपुरा हिंसा के विरोध, गुस्ताख़े रसूल वसीम रिज़वी, नरसिंहानंद सरस्वती की गिरफ़्तारी व पैग़ंबर-ए-इस्लाम पर लिखित विवादित किताब पर पाबंदी की मांग को लेकर शनिवार को तंजीम उलमा-ए-अहले सुन्नत से जुड़े उलमा-ए-किराम ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति को संबोधित ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा। ग़ौसे आज़म फाउंडेशन के नौज़वानों का भी सहयोग रहा। वसीम रिज़वी व नरसिंहानंद सरस्वती के खिलाफ़ जमकर नारेबाजी की गई।
मुफ़्ती अख़्तर हुसैन मन्नानी (मुफ़्ती-ए-शहर) ने कहा कि त्रिपुरा के मुसलमानों पर अत्याचार हो रहा है। वहां की मस्जिदों व मुसलमानों की रक्षा और सुरक्षा करना सरकार की जिम्मेदारी है। वहीं देश व समाज हित में गुस्ताख़े रसूल वसीम रिज़वी पर सख़्त कार्रवाई करते हुए गिरफ़्तारी की जाए। विवादित किताब पर पाबंदी लगाई जाए। वसीम रिज़वी मानसिक रूप से बीमार है। वसीम रिज़वी पैगंबर-ए-इस्लाम हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहु अलैहि वसल्लम की शान में लगातार गुस्ताख़ी व क़ुरआन-ए-पाक की बेहुरमती कर रहा है। जिसे मुसलमान बुर्दाश्त नहीं करेंगे। मुसलमानों में काफी गुस्सा व नाराज़गी है।