- क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए 2.10 लाख अदा करने का आदेश
- जिला उपभोक्ता आयोग ने सुनाया फैसला
संतकबीरनगर: जिला उपभोक्ता आयोग के अध्यक्ष सुरेंद्र कुमार सिंह व महिला सदस्य संतोष ने मुंह के कैंसर के इलाज का खर्च बीमा कंपनी द्वारा न देने के मामले को गंभीरता से लिया है। इलाज में खर्च रुपए 14 लाख 86 हजार 72 में से बीमा धन रुपए 10 लाख ब्याज समेत अदा करने का आदेश बीमा कंपनी को दिया है। इसके साथ ही क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए दो लाख 10 हजार अतिरिक्त अदा करना होगा।
सूर्यविहार कालोनी गोरखपुर के निवासी अनिल सिंह ने अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल कर कहा कि वह वर्तमान में खलीलाबाद में रहते हैं। उन्होंने आदित्य बिड़ला हेल्थ इंश्योरेंस बीमा कंपनी से रुपए 10 लाख का वर्ष 2022 में स्वास्थ्य बीमा लिया था। उन्होंने अपना व अपने परिवार का बीमा कराते समय उनके खान पान के आदतों व अपने द्वारा किए जा रहे तम्बाकू/सुर्ती सेवन के बारे में बीमा कंपनी को बताया था, जिसके अतिरिक्त प्रीमियम का भुगतान करते रहे। वर्ष 2024 में उन्होंने रुपए 61 हजार 380 प्रीमियम की रकम का भुगतान किए। अगस्त 2024 में उन्हें पित्ताशय में पथरी हुई, जिसके आपरेशन में रुपए 29 हजार व्यय हुए। उक्त खर्च का भुगतान बीमा कंपनी द्वारा टाल मटोल कर नही किया गया। नवम्बर 2024 में मुंह में गांठ हो गया। एम्स गोरखपुर में बायोप्सी जांच हुई, जिससे मुंह के कैंसर की पुष्टि हुई। वह इलाज कराने फरीदाबाद गए। इसकी सूचना बीमा कंपनी को देने तथा स्वीकृति प्राप्त होने पर उन्होंने स्वयं को एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज फरीदाबाद में भर्ती करा दिया। दिनांक 30 जनवरी 2025 तक इलाज व आपरेशन हुआ, जिसमें रुपए 11 लाख 14 हजार 998 व्यय हुआ। बीमा कंपनी को समस्त प्रपत्र उपलब्ध कराकर दावे के भुगतान की मांग की गई। कुछ समय बाद पुनः समस्या उत्पन्न हो गई, जिसके इलाज के लिए उन्हें पुनः फरीदाबाद जाना पड़ा। दवा इलाज में कुल रुपए 14 लाख 86 हजार 72 व्यय हुए। अंततः बीमा कंपनी सभी दावे को यह कहकर अस्वीकृत कर दिया कि दावेदार तम्बाकू सेवन करता है, जो बीमा से कवर नही है। थक-हार कर अद्विक लीगल कंसल्टेंसी के माध्यम से न्यायालय में वाद दाखिल करना पड़ा।
न्यायालय ने पत्रावली पर दाखिल प्रपत्रों व साक्ष्यों का अवलोकन करने तथा दोनों पक्ष के बहस को सुनने के उपरांत बीमा कंपनी के खिलाफ फैसला सुनाया है। वर्ष 2024 में खर्च रुपए 29 हजार तथा वर्ष 2025 में खर्च रुपए 14 लाख 86 हजार 72 में से बीमा धन रुपए 10 लाख मय ब्याज 10 प्रतिशत के अतिरिक्त क्षतिपूर्ति के रुप में रुपए दो लाख 10 हजार 60 दिनों के भीतर चुकाने का आदेश बीमा कंपनी को दिया है।