गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

गाजी मस्जिद गाजी रौजा में उर्स-ए-आला हज़रत मनाया गया। क़ुरआन ख़्वानी की गई। महफिल सजी। जिसमें मौलाना रियाजुद्दीन क़ादरी ने आला हज़रत की शख़्सियत पर रोशनी डालते हुए कहा कि आला हज़रत ने 13 साल की उम्र से ही फतवा लिखना और लोगों को दीन-ए-इस्लाम का सही पैग़ाम पहुंचाना शुरू कर दिया। पूरी उम्र दीन की खिदमत में गुजारी। आला हज़रत द्वारा किया गया क़ुरआन पाक का उर्दू में तर्जुमा ‘कंजुल ईमान’ व ‘फतावा रज़विया’ बेमिसाल है। अंत में सलातो सलाम पढ़कर दुआ मांगी गई। शीरीनी बंटी। महफिल में हाफ़िज़ रेयाज अहमद, हाफ़िज़ आमिर हुसैन निज़ामी, हाफ़िज़ रहमत अली निज़ामी, ताबिश सिद्दीक़ी, शिराज सिद्दीक़ी, शहबाद़ सिद्दीक़ी, मो. आज़म, मसूद कलीम, नदीम वारसी आदि ने शिरकत की।