विकास प्राधिकरण गोरखपुर के भ्रष्टाचार के विरुद्ध जन आंदोलन पर खामोशी क्यों ?
आरोपी लोक सेवकों के का रित भ्रष्टाचार पर जिला प्रशासन की बेचारगी क्यों ?

गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण के भ्रष्ट लोक सेवकों के संरक्षण में गोरखपुर महानगर के मुख्य मार्ग पैडलेगंज से बेतियाहाता गोरखपुर के मध्य निर्धारित मानक व प्रक्रिया के बगैर स्वीकृत मानचित्र व पार्किंग के व्यावसायिक कांप्लेक्स माल मल्टीस्टोरी प्रतिष्ठान रेस्टोरेंट्स नर्सिंग होम हॉस्पिटल के अवैध संचालन को अनुचित लाभ लेते हुए निरंकुश संरक्षण प्रदान किया गया है जबकि उक्त के विरुद्ध संगठन द्वारा लोकहित में सन 2018 से अब तक सैकड़ों शिकायतें मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश को संबोधित प्रेषित करते हुए उक्त की पृष्ठ अंकित प्रतियां कतिपय संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई हेतु प्रेषित किया जा चुका है।
उक्त बातें तीसरी आंख मानवाधिकार संगठन के संस्थापक महासचिव शैलेन्द्र कुमार मिश्र ने क्रमिक धरने के आठवें दिन कार्यकर्ताओं को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि उक्त के उपरांत विगत वर्षों से लेकर वर्तमान समय तक किसी प्रकार की कोई कार्यवाही ना किया जाना इस बात को प्रथम दृष्टया प्रमाणित करता है कि विकास प्राधिकरण गोरखपुर के अवैध वसूली व अवैध निर्मित प्रतिष्ठानों भवनों माल को संरक्षण प्रदान किया जाने में प्रशासकीय शासकीय जिम्मेदार लोगों की संलिप्तता व संरक्षण है जिसकी पुष्टि अब तक किसी प्रकार की कोई विधिक कार्रवाई नहीं किए जाने एवं संबंधित प्रकरण के स्थली एवं भौतिक सत्यापन से विभागीय अभिलेखों का तुलनात्मक अवलोकन किए करते हुए पुष्टि किया जा सकता है तत्पश्चात यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि शासन प्रशासन की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा पार हो चुकी है जिसकी पुष्टि संगठन द्वारा लोक हित में दिनांक 13 जुलाई 2021 से चलाए जा रहे क्रमिक धरने के 2 दिनों के उपरांत अपर आयुक्त गोरखपुर द्वारा 24 सूत्री ज्ञापन लेने के उपरांत अब तक किसी प्रकार की वैधानिक कार्रवाई नहीं किए जाने के स्थलीय एवं भौतिक सत्यापन से भी किया जा सकता है ऐसे में यह कहना अतिशयोक्ति नहीं होगा कि विकास प्राधिकरण गोरखपुर के भ्रष्ट लोक सेवकों को उनके कार्य अपराधियों के विरुद्ध दंडात्मक एवं अनुशासनात्मक कार्रवाई करने में जिला प्रशासन असफल है तत्पश्चात जिला प्रशासन की सत्यनिष्ठा संदिग्ध होना स्वाभाविक है उक्त के क्रम में संगठन के जिला मंत्री राम चंद्र दुबे ने अधिक का अधिवक्ताओं का सम्मान करते हुए उनके सहयोग और समर्थन के लिए आभार व्यक्त करते हुए नगर नागरिकों को आश्वस्त किया कि लोक हितों की उपेक्षा करने वाले भ्रष्ट लोक सेवकों को किसी भी कीमत पर संगठन बर्दाश्त नहीं करेगा और जनहित में संगठन सड़कों पर उतर कर के लोकहित में जनक्रांति की आवाज हमेशा करता रहेगा और समाचार पत्रों के माध्यम से प्रशासन की उदासीनता और संवेदनहीनता का शासन को सज्ञान देने का हर संभव प्रयास करता रहेगा। उक्त के क्रम में वरिष्ठ कार्यकर्ता डा० वृजलाल सैनी ने कहा कि यदि शासन ने इस प्रकरण को गंभीरता से संज्ञान में लेते हुए प्रशासन के विरुद्ध कठोर कार्यवाही नहीं किया तो संगठन सड़क पर उतरने के लिए विवश होगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी जिला प्रशासन और शासन की होगी संगठन नगर नागरिकों को आश्वस्त करता है कि जब तक 24 सूत्री ज्ञापन के अनुरूप कार्यवाही नहीं होगी तब तक क्रमिक धरना जारी रहेगा और आवश्यकता पड़ने पर जिला प्रशासन की संवेदनहीनता के विरुद्ध प्रतीकात्मक प्रतिकार व्यक्त करते हुए मुख्य सचिव उत्तर प्रदेश का भी ध्यान आकृष्ट कराने का हर संभव प्रयास करेगा।
कार्यक्रम मे प्रमुख रूप से उपस्थित संगठन के संरक्षक डा. पीएन भट्ट, संस्थापक महासचिव शैलेन्द्र कुमार मिश्र, प्रदेश सचिव उ.प्र. व राष्ट्रीय संयुक्त अधिवक्ता मंच के वरिष्ठ अधिवक्ता अनुप मिश्रा, अशोक तिवारी दीवानी बार गोरखपुर, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य विपुल मिश्रा, प्रदेश आई.टी सेल प्रभारी अमरजीत यादव, आईटी सेल सदस्य धर्मराज यादव, दुर्गेश यादव, दिनेश यादव, वरिष्ठ कार्यकर्ता जियाउद्दीन अन्सारी, वरिष्ठ वरिष्ठ अधिवक्ता राजेश शुक्ला कमिश्नरी बार गोरखपुर विरेन्द्र कुमार वर्मा, विरेन्द्र राय, जिला मंत्री रामचन्दर दूबे, जिला संयोजक राजमंगल गौर, जिला मीडिया प्रभारी शशी कांत, महानगर अघ्यक्ष संतोष गुप्ता, गोकुल गुप्ता जनपद कुशीनगर सूर्यदेव शर्मा, सतीश कुशवाहा, अजय, जाहिद अली, मजहर उर्फ लाड़ले, नानू अंसारी, बृजराज सैनी, अमर सिंह, अजय कुमार सिंह, उमाशंकर मझवार, विनोद एडवोकेट कमिश्नर ई बार गोरखपुर शंभू सिंह श्रीनेत दुर्ग विजय गौर एडवोकेट दीवानी बार गोरखपुर संजय गुप्ता, रुपेश शुक्ला, श्याम जी मद्धेशिया, राजकुमार यादव, और जय बहादुर इत्यादि लोग उपस्थित रहे।