
संत कबीर नगर :- जिलाधिकारी दिव्या मित्तल नें विगत माह में जनपद के विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं, निर्माण कार्यों सहित अन्य महत्वपूर्ण बिन्दुओं पर प्रगति की समीक्षा किया। स्थानीय कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न समीक्षा बैठक के प्रथम चरण में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल में आई.सी.डी.एस. एवं जिला पोषण समिति के कार्यों जैसे चिन्हित कुपोषित बच्चों को सुपोषित करने की दिशा में किये जा रहे प्रयासों एवं उसके परिणाम, महिलाओं एवं किशोरियों मे एनीमिया की जांच एवं दवाओं का वितरण आदि। विगत माह में जनपद में 1011 एनिमिक महिलाओं/किशोरियों की संख्या बढ़ने पर जिलाधिकारी ने डी.पी.ओ. सहित सम्बन्धित स्वास्थ्य अधिकारी को इसमें संवेदनशील रवैया अपनाते हुये दवाओं को उपलब्ध कराने तथा उसके उचित मानीटरिंग के निर्देश दिये।
बैठक में स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान कोविड-19 टीकाकरण, रूटीन टीकाकरण, अस्पतालों में डाक्टरों एवं दवाओं की उपलब्धता, एम्बूलेंस 102 एवं 108 की त्वरित पहुंच, आयुष्मान भारत गोल्डेन कार्ड एवं जननी सुरक्षा योजना आदि बिन्दुओं की जिलाधिकारी ने आंकड़ों के आधार पर समीक्षा करते हुये आवश्यक दिशा निर्देश दिये। स्वास्थ्य विभाग के अन्तर्गत निर्माण कार्य में घोर लापरवाही पाये जाने पर जिलाधिकारी ने अवर अभियन्ता को कार्यों में लापरवाही तथा उचित जबाब न दे पाने के कारण फटकार लागते हुये प्रतिकूल प्रविष्टि देने का निर्देश दिया गया।
वन विभाग द्वारा जनपद में कुल 27 लाख 16 हजार पौधों को रोपित कराये जाने के मामले में जिलाधिकारी नें विभिन्न विभागों को उनके आवंटित लक्ष्यों के अनुसार आगामी दो दिनों के अन्दर कार्ययोजना प्रस्तुत करने के निर्देश दिये। इसी के साथ वेस्ट मैनेजमेंट, डिस्ट्रिक्ट इनवायरमेंटल मैनेजमेंट प्रोग्राम आदि बिन्दु पर भी जिलाधिकारी ने सम्बन्धित अधिकारियों को निर्देशित किया। समीक्षा बैठक के दौरान कुछ विभागीय अधिकारियों द्वारा उनके विगाग से सम्बन्धित योजनाओं की प्रगति के बारे में पूछे जाने पर यथोचित जबाब ने दे पाने के कारण जिलाधिकारी ने नाराजगी व्यक्त करते हुये कहा कि अधिकारीगण अनिवार्य रूप से बैठक में प्रतिभाग करने से पहले अपने स्तर पर प्रस्तुत आंकड़ों की समीक्षा अवश्य कर लें तथा त्रुटिरहित डाटा के साथ ही बैठक में प्रतिभाग करें।
समीक्षा के दौरान 50 लाख रूपये से अधिक लागत की संचालित कुल 55 परियोजनाओ में धन की उपलब्धता, निर्माण कार्य में प्रगति आदि बन्दुओं की गहन समीक्षा की गयी। जिलाधिकारी नें समाज कल्याण, विद्युत, पशुपालन, श्रम विभाग, उद्योग विभाग, कन्या सुमंगला योजना, पंचायती राज विभाग, पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग सहित अन्य विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गयी।