॥ ऐतिहासिक ॥ भूखे को भोजन नंगे को चीर से मिली प्रेरणा – निदेशक अब्दुल्ला खान
ऐतिहासिक पल के गवाह बने सैकड़ो लोग

सन्त कबीर नगर – पांच सौ छै वर्षो के बड़े अन्तराल पर प्रारम्भ हुआ नियमित चलने वाला सद्गुरु कबीर भोजन सेवा । पीठाधीश्वर महंथ विचार दास , मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर व रीलेक्सो कम्पनी निदेशक अब्दुल्ला खान के करकमलो द्वारा भक्तो को भोजन परोस कर किया गया आरम्भ । इस ऐतिहासिक पल के सैकड़ो लोग गवाह बने ।
बताते चले कि सूफी सन्त कबीर दास के महानिर्वाण स्थली मे सार्वजनिक रूप अनवरत चलने वाला भोजन सेवा का प्रबंध नही था । जिसकी जानकारी दर्शनार्थ गये रीलेक्सो कम्पनी निदेशक अब्दुल्ला खान को हुई । तो वे आश्चर्यचकित होकर महंथ विचार दास से मुलाकात किये और नियमित रूप से भोजन सेवा को संचालन को लेकर विचार विमर्श किये । इसी क्रम मे पूर्व नियोजित उद्घाटन कार्यक्रम का आयोजन हुआ । साहब बंदगी और जीवन दर्शन के साथ कार्यक्रम का शुरूआत श्री महंथ विचार दास ने किया । जीवन दर्शन को परिभाषित करते हुए श्री महंथ ने कहा कि कबीर साहब कपड़ा बुनने और बाजार मे बेचने का काम करते थे बाजार बेचने जाते समय रास्ते मे फटे गन्दे कपड़े पहने कर्मकार एवं जाड़े से ठिठुरते

गरीब जनो को देखकर उन्हे कपड़े बांट देते थे । खाली हाथ घर आने पर माता – पिता ( नीरू – नीमा ) दुःखी होते कबीर साहब को डांटते, समझा बुझाकर कहते , बेटा ! जब सब कुछ दान करते रहोगे तो घर का चूल्हा चौकी कैसे चलेगा । तब कबीर साहब कहते , मां ! हमसे ज्यादा जरूरत उन्हे थी । नियमित होने वाला यह वाकया कहावत बन गयी । भूखे को भोजन नंगे को चीर । इतना बाटे सत्य कबीर ॥ कबीर साहब अपने अनुभव से हम सबो के लिए उपदेश किया है कि – भूखे को कछु दीजिए जथा शक्ति जो होय । ता ऊपर शीतल वचन लख्यो आत्मा सोय । मानव जीवन दुर्लभ है फिर मिलने वाला नही है इस जीवन मे सत्य की कमाई ही आगे जीवन पार की पूंजी होगी । जीवन की सफलता का रहस्य बताते हुए कबीर साहब सभी से दो कार्य अवश्य करने का आग्रह करते है । जो तू आया जगत मे तो ऐसा करि लेय । कर साहब की बंदगी भूखे को कछु देय ॥ कबीर साहब के इस उपदेश को चरितार्थ करते हुए उनकी समाधि स्थली पर चल रहे 1515ई 0से सद्गुरु कबीर भोजन सेवा का विस्तार रीलेक्सो कम्पनी के निदेशक अब्दुल्ला खान के सहयोग से किया जा रहा है यह हम सब के लिए बड़े सौभाग्य की बात है । आज का दिन मानव जीवन के गौरव का दिन है सेवा का काम सभी लोगो को करना चाहिए । इसी क्रम मे मंडलायुक्त अनिल कुमार सागर ने कहा कि सन्त कबीर दास के इस महानिर्वाण स्थली पर जितनी भी बार आओ एक शान्ति का अनुभव होता है । आप के जीवन मे चाहे जितनी परेशानी हो तकलीफ का सामना हो यहां आने से शान्ति मिलती है । जब भी हम यहां आये है अच्छी यादे अच्छी अनभूतिया लेकर गया हूं । हमारे जितने भी पवित्र स्थान है वहां लोगो का आना स्वभाविक है क्यो कि ऐसे स्थानो पर लोगो को बुलाने की जरूरत नही पड़ती है लोग अपने आप खीचे चले आते है । यह स्थान ऐसा स्थान है जहां ऐसे महापुरुष आकर रहे है जिनकी वाणी पूरी दुनिया सुनकर कृतार्थ होती है यह हम लोगो का सौभाग्य ही है । सद्गुरु कबीर भोजन सेवा का अनवरत संचालन से पर्यटन को बल मिलेगा । इसी क्रम मे कम्पनी निदेशक अब्दुल्ला खान ने कहा कि इस गौरवशाली परम्परा को विस्तार करने के महंथ विचार दास का आभार व्यक्त करता हूं यह मेरा सौभाग्य है कि मुझे ऐसा सेवा करने का अवसर मिला है । यह मेरे जीवन का सबसे सुखद घड़ी है जिसे मै कबीर साहब का कृपा फल मानता हूं । भूखे को भोजन नंगे को चीर ” से प्रभावित श्री खान ने यह भी कहा कि इसके आगे वस्त्र की व्यवस्था मुहैया कराने की कोशिश की जायेगी । क्रमशः संबोधन मे नगर पंचायत अध्यक्षा संगीता वर्मा ने आभार व्यक्त किया ।
इस अवसर पर चेयरमैन नगर पंचायत श्री मती संगीता वर्मा , पवन श्रीवास्तव , कम्पनी मैनेजर फारुख , हकीकुल्लाह खान , अकरम हुसैन, कबीर शाह मजार के मुतवल्ली खादिम हुसैन अंसारी , अली हुसैन अंसारी , हरि शरण दास शास्त्री , शान्ति दास पुजारी , शिव मूरत , शिव मंगल , डां राम कुबेर यादव सहित सैकड़ो लोग उपस्थित रहे ।