निर्वाचित प्रतिनिधियों का अधिकार छीन कर भारतीय जनता पार्टी अनौपचारिक रूप से इन पदों पर कब्ज़ा करना चाहती है – सैयद फिरोज अशरफ

संतकबीरनगर / कुरैश अहमद सिद्दीकी
पंचायत चुनाव समयं से ना करा पाना सरकार की बड़ी असफलता है इस मामले में सरकार की नीयत साफ़ नहीं है सरकार अगर चुनाव की घोषणा करती है तो सभी लोग चुनाव के लिए तैयार हैं
यदि सरकार चुनाव नहीं करा पा रही है तो यह सीधे सीधे सरकार की असफलता है यदि चुनाव ना हो पाने के कारण चुनाव आगे बढ़ रहा है तो इसमें निर्वाचित प्रतिनिधियों को ही नियुक्त किया जाना चाहिए
ग्राम प्रधान आदि की जगह पर प्रशासक नियुक्त किया जाना संवैधानिक व्यवस्था पर कुठाराघात है इसमें सरकार की नीयत साफ़ नहीं सत्ताधारी दल बीजेपी बिना निर्वाचन के ही इन पदों पर कब्ज़ा करके अपना एजेंडा लागू करना चाहती है जो किसी भी हाल में ठीक नहीं है।
सरकार या तो प्रधानों का कार्यकाल बढ़ाए या फिर हर ग्राम पंचायत के निर्वाचित ग्राम पंचायत सदस्यों की समिति बना कर उनकी देखरेख में ग्राम पंचायत के विकास को आगे बढ़ाने का काम करे।
यदि सरकार ऐसा नहीं करती है तो यह सीधे बिना चुनाव के ही संवैधानिक पदों पर कब्ज़ा करने की रणनीति मानी जायेगी।इस मामले में ग्राम पंचायत प्रतिनिधियों को न्यायालय की शरण लेना चाहिए।