उर्से निजामी के कार्यक्रमों में कोविड-19 की गाइडलाइन का होगा पालन…

संतकबीरनगर / परवेज अख्तर
खानकाहे कादरिया बरकातिया रिजविया निजामिया अगया के अज़ीम सूफी, बुजुर्ग और मोहद्दिस खतीबुल बराहीन अलहाज मुफ्ती मुहम्मद निजामुद्दीन कादरी बरकाती की आखिरी आरामगाह है जहाँ हर साल उनके लाखों मुरीदीन व अकीदतमंद खराजे अकीदत पेश करते हैं। इस साल कोविड-19 की गाइडलाइन के अनुसार सज्जादानशीन अल्लामा सूफी मुहम्मद हबीबुर्रहमान कादरी बरकाती रिज़वी ने अकीदतमंदों को हिदायत दी है कि उर्स के कार्यक्रम में उर्स गाह न आयें बल्कि घरों में ही रहकर फातेहा व कुल के रूसुमात अदा करें।
अल्लामा अलहाज ज़ियाउल मुस्तफा ने कहा कि उर्से निज़ामी की तकरीबात पहले की तरह अपने रवायती अंदाज में आयोजित होंगी अलबत्ता आम लोगों को उर्सगाह में शिरकत की इजाजत नहीं है रस्मी तौर पर 100 लोगों को ही उर्स में शामिल होने की अनुमति होगी।
उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में उलेमा, मशाएख, वक्ता और शोअरा को ही गाइडलाइन के अनुसार शामिल किया जायेगा।
उन्होंने बताया कि उर्स की तमाम तकरीबात को आनलाइन प्रसारण किया जायेगा। जिससे दुनिया के किसी भी क्षेत्र में बैठकर अकीदतमंद उर्से निजामी से रूहानी फैज़ हासिल कर सकेंगे। उर्स के लिए पास जारी किये जायेंगे बिना पास के शिरकत की इजाजत नहीं होगी।