बिना रिश्वत के ऋण पाना मुश्किल : सादिक किसान

ब्यूरो रिपोर्ट / सिद्धार्थनगर
मीडिया से बात करते हुए भारतीय किसान यूनियन लोक ( शक्ति) के प्रदेश उपाध्यक्ष मोहम्मद सादिक किसान ने आरोप लगाते हुए बताया कि सिद्धार्थनगर जिले में जितने भारतीय स्टेट बैंक के ब्रांच है सभी ब्रांच का ऋण देने का अधिकार मेन ब्रांच सिद्धार्थ नगर द्वारा अपने पास ले लिया गया है । जो लोन की फाइलें ब्रांच मैनेजर द्वारा भेजी जाती है उसे हेड ऑफिस सिद्धार्थनगर के राजीव टंडन आर. ए. सी. सी. द्वारा पास किया जाता है और लाभार्थी तमाम योजनाओं के अंतर्गत अपनी-अपनी जरूरतों के हिसाब से ऑनलाइन कराते हुए फाइलें बनवाई गई और अपने अपने ब्रांच के मैनेजर द्वारा फाइल सिद्धार्थनगर हेड ऑफिस में भिजवाया गया और कुछ दिन के बाद सभी लाभार्थियों को सिद्धार्थनगर विकास भवन के सभागार में एक मीटिंग कराई गई उस मीटिंग में बैंकों के मैनेजर व लाभार्थी वा सिद्धार्थनगर के हेड ऑफिस के मैनेजर और जोनल मैनेजर व प्रधानमंत्री मुख्यमंत्री खादी ग्राम उद्योग के अधिकारी तमाम लोग बैठक में उपस्थित हुए इतना लाभार्थियों को दौड़ाने के बाद कुछ चुनिंदा फाइल पास किए बाकी सभी फाइलों को अपने पद का दुरुपयोग करते हुए झूठे आरोप लगाकर कर रिजेक्ट करते हुए वापस कर दिया जिससे साफ साफ जाहिर हो रहा है कि कमीशन खोरी के चलते सभी फाइलों को रिजेक्ट कर दिया गया ऐसी स्थिति में भारतीय किसान यूनियन लोक (शक्ति) के तरफ से मांग करते हैं कि मेन ब्रांच सिद्धार्थनगर राजीव टंडन आर . ए. सी. सी. व अन्य की भूमिका की जांच करा कर भ्रष्टाचार में शामिल लोगों के ऊपर कानूनी कार्रवाई करते हुए पद से हटाया जाए और ऋण लेने वाले लाभार्थियों को ऋण दिलाया जाए जिससे सरकार की योजनाओं का लाभ उठाया जा सके उक्त बातें सादिक किसान भारतीय किसान यूनियन लोक ( शक्ति) के प्रदेश उपाध्यक्ष ने कही।