कम हो रहे हैं कोरोना के मामले, रहना होगा सतर्क
– दहाई से नीचे आई कोरोना मरीजों की संख्या, आज मिले तीन पाजिटिव
– कोविड हास्पिटल हुआ खाली ,44 एक्टिव केस में 35 होम आइसोलेशन में
संतकबीरनगर, 11 नवम्बर 2020

कोरोना का असर जिले में धीरे धीरे कम हो रहा है। जिले के कोविड एल – वन तथा कोविड एल – टू हास्पिटल से बुधवार को अन्तिम कोरोना मरीज की विदाई हो गई । जिले में कोरोना के कुल 44 एक्टिव केस हैं। इनमें से 35 लोग आरआरटी ( रैपिड रिस्पांस टीम ) की निगरानी में हैं तथा शेष दूसरे जनपदों के अस्पतालों में भर्ती हैं। इस बीच, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरगोविद सिंह ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा है कि थोड़ी सी असावधानी से कोरोना पलटवार कर सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य विभाग के द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का अनुपालन करें। स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह से सतर्क है, इस सतर्कता में जनपदवासियों का सहयोग बहुत ही आवश्यक है।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने बताया कि नवम्बर माह में रोज तकरीबन 1700 से अधिक लोगों के सैम्पल लिए जा रहे हैं। कोरोना का असर जानने के लिए फोकस सैम्पलिंग भी की जा रही है, लेकिन एक नवम्बर से लेकर अब तक कोरोना मरीजों की संख्या दहाई नहीं पार कर सकी है। जिले में बुधवार को तीन पाजिटिव केस मिले हैं। उनको होम आइसोलेशन में रखा गया है। उन्होंने कहा कि दीपावली के पर्व पर बाजारों में अनावश्यक भीड़ भाड़ न लगाएं तथा एक दूसरे से दो गज की दूरी अपनाने के साथ ही मॉस्क का प्रयोग कदापि न भूलें। कोई भी मॉस्क न पहन रहा हो तो उसको जरुर टोकें तथा उसके पास जाने से बचें।
फोकस सैम्पलिंग में 27 मिले पाजिटिव
जिले की कोरोना रैपिड रिस्पांस टीम के प्रभारी डॉ. एके सिन्हा ने बताया कि गत 29 अक्टूबर से जिले में फोकस सैम्पलिंग चल रही है। इस दौरान कुल 6289 एण्टीजन जांच हुई है। जबकि 3500 आईआरटीपीसी सेम्पल लिए गए हैं। इनमें से कुल 27 लोग पाजिटिव आए हैं। यह पॉजिटिव लोग होम आइसोलेशन में आरआरटी की निगरानी में स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं।
यह सावधानी है बहुत जरुरी
जिले के एपीडेमियोलाजिस्ट ( महामारी रोग विशेषज्ञ ) डॉ. मुबारक अली बताते हैं कि चेहरा बार-बार छूने से यह बीमारी जल्दी फैलती है और यही वजह है जिससे कि आंख और मुंह में यह वायरस आराम से प्रवेश कर सकता है। इसके लिए इस बात का ध्यान रखें कि मॉस्क पहनें। ऐसा करने पर चेहरे को छूने की आदत से बच सकते हैं। हाथों को ज्यादा व्यस्त रखें, जैसे कि कुछ काम कर लिया करें। वहीं खुद को याद दिलाते रहें कि आपको अपने चेहरे को बार-बार नहीं छूना है। बार-बार हाथों को धोते रहें जिससे कि यह याद रहेगा कि हाथों से चेहरे को नहीं छूना है।