क्षय रोगी खोजी अभियान ( 2 से 11 नवम्बर )
टीबी का एक मरीज खोजने पर टीम को मिलेगा 600 रुपए प्रोत्साहन भत्ता
– टीम के हर सदस्य को मिलेगा 150 रुपये दैनिक भत्ता
– जिले के 102 गांवों में चलेगा टीबी रोगी खोज अभियान

संतकबीरनगर, 31 अक्टूबर 2020/ जितेंद्र चौधरी
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत आगामी 2 नवम्बर से 11 नवम्बर तक चलाए जाने वाले क्षय रोगी खोज अभियान में अगर कोई टीम एक टीबी मरीज खोजती है तो उसको 600 रुपए प्रोत्साहन भत्ता दिया जाएगा। इसके अतिरिक्त तीन सदस्यों वाली इस टीम के हर सदस्य को 150 रुपए प्रतिदिन के हिसाब से दैनिक भत्ता भी दिया जाएगा। इसलिए सभी अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ता इस अभियान को पूरे मनोयोग से सफल बनाएं ताकि वर्ष 2025 तक भारत वर्ष को क्षय रोग से मुक्त किया जा सके।
उक्त जानकारी जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ एस डी ओझा ने दी। उन्होने बताया कि टीबी रोगी खोज अभियान का शुभारंभ 2 नवम्बर को किया जाएगा। इससे पूर्व 30 अक्टूबर को ही सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र हैसर व मेंहदावल में दो ट्रूनाट मशीन लगवाई गई तथा प्रचार वाहन जिले के विभिन्न भागों में रवाना कर दिए गए हैं। जिला मुख्यालय पर एक सीबीनाट मशीन पहले से ही है। जिले की 2.5 लाख की आबादी के कुल 102 गांवों में यह अभियान चलाया जाएगा। इसके लिए आशा कार्यकर्ताओं, सुपरवाइजर्स, लैब टेक्नीशियन व अन्य लोगों का प्रशिक्षण भी पूर्ण कर लिया गया है।
जिले में 1396 मरीज ले रहे दवा
राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन अभियान के जिला कार्यक्रम समन्वयक अमित आनन्द ने बताया कि जिले में कुल 1396 पंजीकृत मरीज हैं। इनमें से शून्य से 18 साल के 116 मरीजों को विभिन्न स्वयंसेवी संस्थाओं और समाजसेवियों के द्वारा गोद लिया गया है। मरीजों को इलाज के दौरान 500 रुपए प्रतिमाह पोषण भत्ता के रुप में दिया जाता है। अभियान के दौरान 102 गांवों के कुल 45,024 घरों को आच्छादित किया जाएगा। 4 नोडल आफिसर, 16 सुपरवाइजर व 8 मेडिकल आफिसर की निगरानी में 85 टीमें इस अभियान में हिस्सा लेंगी।
ये लक्षण दिखें तो जरुर करा लें जांच – डॉ एसडी ओझा
डॉ एसडी ओझा ने बताया कि सभी लोग अभियान में सहयोग करें। टीमें उनके यहां जा रही हैं तो उन्हें अवश्य बताएं कि किसी के अन्दर टी. बी. के लक्षण हैं या नहीं । इनलक्षणों में दो सप्ताह या उससे अधिक समय से खांसी आना। खांसी के साथ बलगम व बलगम के साथ खून आना। वजन का घटना । बुखार व सीने में दर्द, शाम के समय हल्का बुखार होना। रात में बेवजह पसीना आना। भूख कम लगना आदि शामिल हैं।
फोटो – डॉ एस डी ओझा, जिला क्षय रोग अधिकारी