सेवा भाव से मनुष्य का जीवन सार्थक हो जाता है,
मानव सेवा ईश्वर सेवा है।

गोरखपुर / पिपरौली
मानव का जन्म ही दूसरो को मदद के लिए हुआ है,जिसके अन्दर सेवा भाव होता है,वहीं सच्चा मनुष्य है।उपरोक्त बातें जय गुरुदेव आश्रम के जिलाध्यक्ष राधेश्याम ने कही। वे प्रतिदिन की भांति सेवादारों द्वारा तैयार किए जा रहे भोजन को विभिन्न जगहों पर भेजने की व्यवस्था कर रहे थे।बता दें कि जैतपुर के
जय गुरुदेव संगत नगवां जैतपुर के आश्रम में 26 मार्च से ही लगातार 60 लोगों (सेवादारों) द्वारा प्रतिदिन 1200 पैकेट भोजन का प्रबंध सुबह 4 बजे से लेकर 10 बजे तक किया जाता है। जिसे तीन अलग अलग जगहों पर वितरित किया जाता है। इन सभी सेवादारों का कहना है कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। इस बारे में जय गुरुदेव संगत के गोरखपुर के जिलाध्यक्ष राधेश्याम ने बताया कि प्रतिदिन 60 सेवादारों की मदद से भोजन तैयार करके हम लोगों द्वारा नौसड़, बाघागाड़ा और कालेसर जीरो पॉइंट पर वितरित किया जाता है।है।क्षेत्र इनके हौशले और जज्बे को सलाम कर रहा है।प्रशासनिक अधिकारी भी इनके कार्यो और सेवाभाव की सराहना कर चुके है। इनका कहना है कि जब तक सरकार द्वारा लॉक डाउन लगा रहेगा।तब तक प्रतिदिन हम लोग भोजन कराएँगे
इस दौरान इंद्रजीत पाण्डेय, सुरेश चंद्र श्रीवास्तव, नंदू, बृजलाल, रामप्रसाद, विद्यासागर, सहित संगत के लोग उपस्थित रहे।