संसंतकबीरनगर ( आलमगीर )
●मंदिर है बन्द तो बंदर हैं भूखें!!

●लॉकडाउन में इंसानों के साथ बेजुबानों का भी ख्याल
●युवा समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी की अच्छी पहल देख लोगों ने की प्रशंसा

●बाबा तामेश्वरनाथ मंदिर समीप बड़ी संख्या में रहते है बंदर
●खुद के पेट और स्वयं के बचाव में व्यक्ति परेशान है लेकिन कुछ ऐसे लोग भी हैं जो इंसान के साथ साथ औरों के बारे में सोच रहे हैं जिसमें एक नाम है युवा चेहरा वैभव चतुर्वेदी।

●लॉकडाउन हुए 41 दिन हो गए हैं मंदिर,मस्जिद गुरद्वारा बन्द है। जिसका लोगो ने स्वागत भी किया लेकिन उक्त जगहों से जानवर आदि को होने वाले फायदे व दिक्कतों का निवारण कैसे हो इसकी चिंता बहुत कम लोगों ने किया।
●पूर्वांचल के प्रतिष्ठित प्राचीन मंदिर तामेश्वरनाथ धाम में सैकड़ों बंदर रहते हैं जब भक्तों का तांता लगा रहता था तो बंदरों को लईया खिलाने वालों की भीड़ लगी रहती थी लेकिन अब वो चिल्ला रहे थे उनकी भूख वाली चीख को सुनकर जिले के प्रतिष्ठित युवा समाजसेवी वैभव चतुर्वेदी ने उनके भूख को शांत किया।
●मैंने अपने साथियों से अनुरोध किया है जबतक लॉकडाउन रहेगा तबतक बंदर और मछलियों को प्रतिदिन लईया खिलाया जाएगा जिसका पूरा खर्च मै वहन करुंगा :- वैभव