और जब डा उदय प्रताप चतुर्वेदी बने तरयापार के निरीह मासूमों का सहारा

-मासूम के घर पहुच कर डॉक्टर उदय प्रताप ने उठाया पूरे ब्रह्मभोज खर्चे का बीड़ा

-मदद पाकर मासूमो ने दिया धन्याबाद लोगो ने की सराहना

संतकबीरनगर – (आलमगीर )।पल पल बदलता प्रकृति का रंग भी बड़ा अजीब होता है। कभी इसी प्रकृति के गहरे स्याह रंग मे ये दुनिया वीरान दिखती है तो कभी इसकी गुलाबी रंगत सर्व समाज को सुकून पहुंचाती है। होनी के क्रूर काल चक्र के चलते किलकारी भरने की उम्र मे ही माता, पिता के बाद दादा रूप मे अपने इकलौते सहारे को खोकर निरीह बने तरयापार के मासूमों हर्षिता पाण्डेय और आयु पाण्डेय के सिर पर जब रविवार को संतकबीरनगर जिले के सामाजिक ब्राँण्ड एम्बेसडर डा उदय प्रताप चतुर्वेदी ने हाथ फेरा तो गांव ही नही क्षेत्र के लोगों ने भी राहत की सांस लिया। जी हां महुली थाना क्षेत्र के ग्राम तरयापार निवासी 11 बर्षीय हर्षिता पाण्डेय और 6 बर्षीय आयु पाण्डे ने लगभग 6 साल पूर्व अपनी मां नूतन को खो दिया था। बेटे आयु के पैदा होते ही मां नूतन ने अपने दोनो मासूमों का हाथ पति नितीश के हाथों मे सौंप कर इस दुनिया को अलविदा कह दिया था। चार साल बाद पिता नितीश भी मार्ग दुर्घटना चल बसे। दादा राम मिलन पाण्डेय और दादी इन्द्रावती के कमजोर कंधे इन मासूमों को संवारने मे जुटे ही थे कि शुक्रवार को हर्ट अटैक के चलते दादा राम मिलन पाण्डेय भी दुनिया छोड़ गये। तभी से प्रकृति के क्रूर मजाक का शिकार हुए इन दोनों मासूमों के भविष्य को लेकर गांव ही नही समूचा क्षेत्र द्रवित और दुखी था। समाचार पत्रों और शोषल मीडिया पर बिखरे इन मासूमों के दर्द को समेटने का प्रयास करते हुए कबीर की धरती के सामाजिक ब्राँण्ड एम्बेसडर डा उदय प्रताप चतुर्वेदी ने मामले को बेहद गंभीरता से लिया। हर बार की तरह इस बार भी रविवार को लाकडाउन के बाद भी इन मासूमों का दर्द उन्हें तरयापार तक खींच लाया। मासूमों के सिर पर हाथ फेरते हुए उनके दादा के क्रिया कर्म के लिए सब्जियां, राशन, फलों की टोकरियों के साथ ही तात्कालिक रूप से 20 हजार रूपये की मदद किया। डा चतुर्वेदी ने बच्चों को भविष्य मे हर संभव मदद का भी भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि इन मासूम बच्चों को किसी भी तरह की समस्या हुई तो वे उन समस्याओं के समाधान के लिए सदैव तत्पर रहेंगे। बाद मे डा चतुर्वेदी ने ग्राम प्रधान यादवेश यादव उर्फ झाले यादव पर इन बच्चों की नियमित देख रेख करने की जिम्मेदारी भी डाली। डा चतुर्वेदी द्वारा इन मासूमों की मदद मे आगे आने पर तरयापार के साथ ही क्षेत्र के लोगों ने भी उन्हें धन्यवाद दिया। इस दौरान डा चतुर्वेदी और उनकी पूरी टीम शोषल डिस्टेंसिंग का अनुपालन करती नजर आई। साथ मे सूर्या इण्टरनेशनल एकेडमी के व्यवस्थापक बलराम यादव, ग्राम प्रधान यादवेश यादव उर्फ झाले यादव, भाजपा के महुली मण्डल अध्यक्ष राजीव गुप्ता, छात्र संघ अध्यक्ष सौरभ सिंह, अकित पाल, रविन्द्र यादव, मसलहूद्दीन, सुखई आदि लोग मौजूद रहे।