घर में रहकर खुद को कैसे रखें तनाव से दूर !
कोरोना वायरस ने हमारे जीवन के सभी पहलुओं को प्रभावित किया है और महामारी के बारे में लगातार खबरें कभी भी समाप्त नहीं हो रहीं हैं। न केवल यह हमारे शारीरिक स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, बल्कि कुछ लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी इसका असर पड़ रहा है। अगर आपको बुखार या नई खांसी के कोई भी लक्षण हैं तो ये बिल्कुल न मान लें कि आपको कोविड 19 ही हो गया है l ऐसा नहीं है l यह सलाह दी जाती है कि आप कृपया घर पर रहें और अन्य लोगों के संपर्क से बचें, बार बार साबुन पानी से हाथ धोते रहें l फेस मास्क, दुपट्टा,गमछा का उपयोग करते रहें lघर पर रहकर, कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए सामाजिक भेद और आत्म- अलगाव महत्वपूर्ण हैं ,लेकिन वे हमें मनोवैज्ञानिक रूप से प्रभावित कर सकते हैं। तो इस दौरान हम अपनी मानसिक भलाई के लिए क्या कर सकते हैं? न केवल इस नए वायरस के खतरे का हमे खतरा है बल्कि इसके डर से कई लोग तनावपूर्ण जीवन की चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं। बहुत से लोग जो स्व-रोजगार कर रहे हैं, उन्होंने नौकरी खो दी है या उनकी आय में कटौती हो जाती है। सामाजिक गड़बड़ी और आत्म-अलगाव का मतलब मित्रों और परिवार को देखने से बचना है जिससे कई लोग अपने प्रियजनों के बारे में चिंतित रहते हैं। इसके अलावा मीडिया में सत्य परन्तु डरावनी एवं बुरी खबरों के लगातार बने रहने से भी बचना मुश्किल हो सकता है, जो तनाव और निराशा की भावनाओं को बढ़ा सकता है । लोगों को घर पर रहने और दूसरों से बचने के लिए कहा जा रहा है, जो अत्यंत कठिन या तनावपूर्ण हैं लेकिन बहुत सारी ऐसी चीजें हैं जो लोगों को प्रकोप के दौरान उनकी भलाई में मदद करने की कोशिश कर सकते हैं।”
स्व-देखभाल का अभ्यास करें – देर से सोने एवम् घर के कपड़े में पूरा दिन बिताने और जंक फूड खाने की आदत डालना आसान है, लेकिन खुद की देखभाल करना शारीरिक एवम् मानसिक स्वास्थ्य के लिए बहुत आवश्यक है। यहां तक कि सरल कार्य जैसे कि अपना चेहरा धोना कभी-कभी आलस की वजह से मुश्किल महसूस लग सकता है l हम इन आलस्यपूर्ण आदतों को महसूस करने के तरीके में एक बड़ा बदलाव ला सकते हैं और डिप्रेशन से दूर रह सकते हैं l
आप सुनिश्चित करें कि आप एक अच्छी तरह हवादार कमरे में हैं और बुनियादी स्व-देखभाल का पालन कर रहे हैं l इसलिए स्वस्थ भोजन , अच्छी नींद और एक दिलचस्प दिनचर्या को बनाए रखने की यथासंभव कोशिश करें l अतिरिक्त तनाव से बचने के लिए घर पर फल, सब्जी इत्यादि इत्यादि का आपूर्ति होना महत्वपूर्ण है। यदि आप स्वयं को इससे अलग-थलग कर रहे हैं और घर से खरीदारी करने में भी असमर्थ हैं, तो घर पर बेकार पड़े रहने से आपकी दिनचर्या प्रभावित हो सकती है जो आपकी भूख को प्रभावित कर सकती है l
यदि आप कर सकते हैं तो हल्का फुल्का व्यायाम अवश्य करें l ऐसा करना आसान होता है और यह मूड को बढ़ा सकता है। मन मस्तिष्क में ताजगी भर सकता है l घर पर व्यायाम करना सरल हो सकता है और योग वीडियो या कार्डियो व्यायाम वास्तव में मानसिक के साथ-साथ शारीरिक स्वास्थ्य के लिए भी अच्छा है।
ऐसा संगीत का आनंद लें जो आपके मनोदशा यानि मूड को बढ़ावा देने में मदद करता है। यदि आप सक्षम हैं, तो अपने बगीचे में जाएं और धूप की दैनिक खुराक प्राप्त करें l
मित्रता की लौ को तेज करें- परिवार या दोस्तों के साथ एक मित्र समूह स्थापित करना अच्छा है और नियमित रूप से ऑनलाइन या फोन पर लोगों के साथ सुख, दुख, हंसी, मजाक करते रहना अच्छी बात हैं। इस तरह जरूरत पड़ने पर हम अपनी बात या भावनाएं दूसरों तक पहुंचा सकते हैं।यहां तक कि सिर्फ दैनिक अपडेट भेजने से ही हम इन कठिन समय के दौरान अधिक जुड़े और कम अकेले महसूस कर सकते हैं।
अपने आप को व्यस्त करें -अपने विचारों और भावनाओं को लिखने से आपको किसी भी चिंता और भय को दूर करने में मदद मिल सकती है। व्यस्त रखने की कोशिश करना भी अत्यंत महत्वपूर्ण है l अभी भी बहुत सारी ऐसी गतिविधियाँ हैं जो घर पर कर सकते हैं, जिसमें शिल्प, पेंटिंग, पढ़ना, खाना बनाना और गाना गाना, एक डायरी लिखना, नाचना इत्यादि शामिल है।यदि आप चाहें तो बहुत सारे ओपन यूनिवर्सिटी द्वारा प्रस्तुत कुछ मुफ्त ऑनलाइन पाठ्यक्रमों को देखे! आप अपने चिकित्सक के साथ ऑनलाइन चिकित्सा का उपयोग कर सकते हैं या उनसे स्वास्थ्य संबंधित जानकारी ले सकते है lअपनी दवा लेते रहें। उसमे आनाकानी ना करें l इस संकट की घड़ी को आइए हम सब मिलकर पार कर लें ,कुछ मेरी सुने और कुछ अपनी सुनाएं l और सबसे सकारात्मक सोच ये है उसी बहाने प्रकृति पर्यावरण का सौन्दर्य बढ़ रहा है !
डा• रूप कुमार बनर्जी होमियोपैथिक चिकित्सक