गर्भावस्था में पोषण के लिए कम से कम 5 प्रकार की चीजें जरुर लें महिलाए
– जिले में विभिन्न आंगनबाडी केन्द्रों पर हुई गर्भवती महिलाओं की हुई गोदभराई
– महिलाओं को दिए गए गर्भवास्था के दौरान कार्यकत्रियों ने सुझाए विविध उपाय
संतकबीरनगर, 29 फरवरी 2020,/ जितेन्द्र चौधरी

गर्भावस्था में पोषण के लिए कम से कम 5 प्रकार की चीजें अवश्य खाएं, जिनमें दूध, दाल, अनाज, हरी पत्तेदार सब्जियां, पके हुए पीले फल शामिल हैं। इससे शरीर में पोषक तत्वों के साथ ही खून में हीमोग्लोबीन की मात्रा भी मेण्टेन रहे। तभी वे स्वस्थ बच्चे को जन्म दे पाएंगी। स्वस्थ बच्चे को जन्म देने के लिए आवश्यक है कि वे अपने पोषण का पूरा ध्यान रखें।
यह बातें जिले के विभिन्न आंगनबाड़ी केन्द्रों पर जिला कार्यक्रम अधिकारी सुश्री विजय श्री के निर्देशन में मनाए जाने वाले गोदभराई दिवस के दौरान महिलाओं को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओ, सुपरवाइजरों के साथ ही सीडीपीओ आदि ने समझाई। मंगलगीतों के बीच आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित गोदभराई दिवस के अवसर पर महिलाओं को बताया गया कि दालों के जरिए प्रोटीन तथा हरी पत्तियों के जरिए आयरन की कमी पूरी होती है। इससे शरीर में हीमोग्लोबीन की मात्रा मेण्टेन रहती है। इसके अतिरिक्त अन्य फल, अन्य सब्जियां भी लें। साथ ही जो शाकाहारी नहीं हैं उनके द्वारा अण्डा, मीट व मछली का भी सेवन किया जा सकता है। उन्हें प्रसव की तैयारियों के बारे में भी बताया गया। इस दौरान तीन महीने की गर्भवती महिला के साथ ही गर्भावस्था के तीसरे त्रैमासिक में चल रही महिलाओं को भी शामिल किया गया। महिलाओं ने मंगल गीतों को गाने के साथ ही महिलाओं को पोषक आहारों की पोटली जिसमें पोषाहार, विभिन्न प्रकार के फल, सब्जियां तथा अन्य सामान शामिल थे उनको उपहार स्वरुप दिया गया। इस दौरान उनको पारम्परिक रीति रिवाज के साथ ओढ़नी भी ओढ़ाई गई। साथ ही खुशी के गीतों को भी गाया गया। इस दौरान सांथा सीडीपीओ अनुज सिंह , आशा देवी, खलीलाबाद की श्रीमती नीना श्रीवास्तव, सेमरियांवा की शकीला व अन्य आशा कार्यकत्रियां भी शामिल रहे। उत्तर प्रदेश तकनीकी सहयोग इकाई ( यूपीटीएसयू ) की पोषण सखियों ने इस दौरान केन्द्रों को सजवाने के साथ ही उनका निरीक्षण कर बेहतर स्वरुप प्रदान करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया।
गर्भवती महिलाओं को दिए गए ये टिप्स
गर्भवती महिलाओं के लिए जरुरी है कि रोज वह कम से कम दो गिलास दूध लें। साथ ही प्रतिदिन दो घण्टे तक आराम दिन में करें। गर्भावस्था के पूर्व दिन में दो बार भोजन करने वाली महिलाओं को अपना भोजन डेढ़ गुना तक बढ़ा लेना चाहिए। भोजन का एक हिस्सा तो वे खुद करें, जबकि आधा हिस्सा बच्चे के लिए करें। यही नहीं हरी सब्जियों के साथ ही प्रसव के पूर्व जो भी तैयारी होती है वे कर लें। वे खुश रहें ताकि पेट में पल रहे बच्चे के उपर कुप्रभाव न पड़े।
