नगर निगम द्वारा इधर-उधर कूड़ा डंप करने से परेशान हैं नागरिक

गोरखपुर व्यूरों: आए दिन एक से बढ़ कर एक वीमारियां देखने सुनने को मिल रही है वही नगर निगम कोरोना वायरस जैसी फैली महामारी से भी कोई सबक नहीं ले रहा है। शहर के बीचों-बीच से कूड़े से भरी गाड़ी खुलेआम जा रही है जिसकी गंध से आम नागरिकों का सड़क पर चलना दूभर हो गया है इन गाड़ियों पर लदे कूड़े करकट से निकलने वाली दुर्गंध से लोगों को किसी न किसी वीमारी की फैलाने की आशंका सता रही है ! शायद नगर निगम भी किसी बड़ी बीमारी का इंतजार कर रहा है। आपको सुनकर हैरानी होगी कि शहर से निकलने वाला सैकड़ों टन कूड़ा को डंप करने का नगर निगम के पास कोई स्थायी व्यवस्था नहीं है नगर निगम के कर्मचारी जहां पर खाली जगह व बंधे है वहीं पर शहर से निकलने वाले कूड़ा व मृत सड़े गले जानवरों के शव ,अस्पतालों से निकलने वाले खतरनाक किस्म के वेस्टेज को लाकर फेंक देते हैं जिसको लेकर एकला बंधे के नागरिकों ने इसका जबरदस्त विरोध-प्रदर्शन भी किया था उसके बाद नगर निगम ने स्थान बदलकर दूसरी जगह कूड़ा डंप करने लगा लेकिन अब सवाल उठता है कि शहर के बाहरी इलाकों में रहने वाली जनता के ऊपर नगर निगम यह जुल्म क्यों कर रहा है। सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को लेकर नगर निगम ने कवायद शुरू की थी लेकिन बीच रास्ते में ही उसकी हवा निकल गई और सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट का जिम्मा लेने वाली कंपनी नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार को लेकर भाग खड़ी हुई।
इस संबंध में नगर आयुक्त अंजनी कुमार सिंह से बात की गई तो उन्होंने कहा कि कूड़ा डंप के लिए स्थायी जगह का चयन हो चुका है भटहट के जंगल डूंगरी नंबर 2 में 25 एकड़ जमीन पर कूड़ा पड़ाव केंद्र बनाया जाएगा जिसके लिए शासन को स्वीकृति के लिए भेज दिया गया है जल्द ही इसका टेंडर निकाल कर कार्य प्रारंभ किया जाएगा। शहर में खुले गाड़ियों से कूड़ा ले जाने के सवाल पर कहा कि इन्हें ढक कर ले जाने का आदेश पहले ही दिया जा चुका है अगर कहीं कमी है तो उसे दिखाया जाएगा।
