सर्दियों में बढ़ता जाए वजन…… हाय कैसे करें कंट्रोल ?

गोरखपुर ब्यूरों। सर्दी में हमारा खानपान कैसा हो, क्या सावधानी रखे, क्या परहेज करें आदि विषयों पर “द मार्निंग एक्स्प्रेस ” ने हौम्यौपैथ के प्रसिद्ध डा. रुप कुमार बनर्जी से बात की। डा रुप कुमार बनर्जी ने बताया कि
सर्दियों का दिन.! आहा ! इस मौसम में जहां गुनगुनी धूप लगती हैं वहीं अलाव के पास बैठकर मूंगफली, गजक, गाजर का हलवा, सरसों का साग मक्के की रोटी खाने का अपना मजा है l इस मौसम में खान-पान भी आम सीजन की अपेक्षा ज्यादा हो जाता है l गर्मागर्म पकौड़े, भजिया के अलावा तला-भुना और फास्ट फूड भी पेट भर खाया जाता है l खाने का भरपूर असर हमारे शरीर पर दिखता हैl आम दिनों की अपेक्षा सर्दियों में खाया खाना शरीर में ज्यादा लगता है इसलिए इस मौसम में वजन भी तेजी से बढ़ता है l लोग परेशान हो जाते हैं कि आखिर इतना वजन कैसे बढ़ गया l अगर ऐसे लोग सोचते हैं कि सिर्फ खान-पान से वजन बढ़ता है तो ऐसा बिलकुल नहीं है lजाड़े में वजन बढ़ने के ये भी कुछ खास कारण हैं 1-ज्यादा नींद — सर्दी में कई लोग आम सीजन की अपेक्षा ज्यादा देर तक सोते हैं l सर्दियों में रात भी ज्यादा लंबी होती हैं, इसी कारण नींद का समय ज्यादा हो जाता है l इसका असर हमारे शरीर पर पड़ता है, जितना हम सोएंगे, हमारा शरीर उतना ही आलसी होगा l यानी 8 घंटे से ज्यादा नींद लेना हमारे बढ़े हुए वजन के रूप में दिखता है l ठंड की वजह से बिस्तर से उठने का मन न करना भी एक कारण हो सकता है l सर्दियों में हमारा शरीर ज्यादा काम नहीं करता जिससे पसीना काम निकलता है और वजन बढ़ता है।
2-जरूरत से ज्यादा खाना- वजन बढ़ने में भोजन भी मुख्य कारणों में से एक है l हम क्या खाते हैं, कैसे खाते हैं इसका हमारे शरीर पर बहुत प्रभाव पड़ता है lअक्सर देखा जाता है कि सर्दी के मौसम में शरीर में गर्माहट बनाए रखने के लिए लोग ज्यादा मसालेदार भोजन का अधिक इस्तेमाल करते हैंl अधिक मसालेदार भोजन शरीर का वजन बढ़ाने में बहुत ही कारगर भूमिका निभाता है l इसमें जंक फूड से लेकर तला-भुना भी शामिल होता है।
3-मीठे का सेवन करना- सर्द मौसम में मीठी चीजों का सेवन ज्यादा हो जाता है l इसमें गाजर का हलवा, मूंगदाल का हलवा, गजक, गुड़ से बनी चीजें, जलेबी, गुलाब जामुन लोगों के प्रिय मिष्ठान हो जाते हैं, जिनका सेवन लोग जरूरत से ज्यादा करते हैं l इन चीजों में कैलोरी ज्यादा होती है जिसकी जरूरत सर्दियों में ज्यादा होती है। इन चीजों के ज्यादा से सेवन से वजन वढ़ना लाजिमी है l
4–मेटाबॉलिज्म भी है एक कारण- मानव शरीर तभी स्वस्थ रहता है जब उसका मेटाबॉलिज्म ठीक हो l यानी उसकी पाचन क्रिया सुचारू रूप से चले। मेटाबॉलिज्म ही शरीर की पाचन क्रिया को मजबूत करती है l लेकिन ये भी जानना जरूरी है कि मेटाबॉलिज्म के अधिक हो जाने से वजन घटने की बजाय बढ़ने लगता है l मेटाबॉलिज्म का बढ़ना यानी शरीर को गर्म रखने के लिए खाने की डिमांड बढ़ना। सर्दी में हम इसी वजह से ज्यादा खाने लगते हैं lज्यादा खाने से मेटाबॉलिज्म बढ़ता है जिसका असर शरीर भी दिखता है
5- आलस आना- सर्दियों में लोग अक्सर एक्सरसाइज करने से डरते हैं l ठंड इतनी ज्यादा होती है कि लोग घर से निलकने के बजाय रजाई में दुबके रहते हैं l वर्किंग क्लास लोग भी ऑफिस के दौरान ज्यादा मूवमेंट नहीं करते हैं, यानी उनकी शारीरिक एक्टिविटी कम हो जाती है। जिससे वजन बढ़ता है l
6– सीजनल एफेक्टिव-इन कारणों के अलावा एक कारण सीजनल एफेक्टिव डिसऑर्डर (एसएडी) भी है l ये अवसाद का एक प्रकार है जो सर्दियों से जुड़ा हुआ है l सर्दी में सूरज की रोशनी और धूप कम होने की वजह से ज्यादातर लोगों में कम-ज्यादा प्रतिशत में ये अवसाद दिखता है l सूरज की रोशनी की कमी का हॉर्मोन्स से ताल्लुक है जो हमारे मूड को कंट्रोल करते हैं। इसी अवसाद में हमारी शारीरिक एक्टिविटी कम हो जाती है और वजन बढ़ने लगता है l कैसे कंट्रोल किया जा सकता है बढ़े वजन को?