
खलीलाबाद, संतकबीरनगर:
जिले के कोतवाली खलीलाबाद थाना क्षेत्र के गीठीनी गांव निवासी दिनेश के भैंस के साथ हुई दर्दनाक दुर्घटना में पशुपालन विभाग की 1962 मोबाइल वेटरनरी टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसकी जान बचा ली। जानकारी के अनुसार दिनेश की भैंस चारा काटने वाली मशीन में अचानक फंस गयी, जिससे उसके शरीर का लगभग दो फीट हिस्सा गंभीर रूप से कट गया और अंदरूनी अंग बाहर दिखाई देने लगे। घटना को देखकर मौके पर मौजूद ग्रामीणों में अफरा-तफरी मच गई और तत्काल पशुपालन विभाग की 1962 सेवा को सूचना दी गई।
सूचना प्राप्त होते ही 1962 मोबाइल वेटरनरी टीम सक्रिय हो गई और लगभग 28 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गई।
भैंस की स्थिति अत्यंत गंभीर होने के कारण टीम ने मौके पर ही प्राथमिक उपचार शुरू किया। पशु चिकित्सक डॉ. मनोज कुमार चौधरी के नेतृत्व में टीम ने घायल भैंस को बचाने के लिए तत्काल चिकित्सकीय प्रक्रिया प्रारंभ की।
करीब डेढ़ घंटे तक चले जटिल ऑपरेशन के दौरान डॉ. मनोज कुमार चौधरी तथा सहायक गुरू प्रसाद और अम्बरेश यादव ने कड़ी मेहनत और धैर्य के साथ भैंस के घावों की गहन सफाई की, रक्तस्राव को नियंत्रित किया तथा आवश्यक टांके लगाकर उपचार किया। टीम की सतर्कता, अनुभव और लगातार की गई मेहनत के कारण गंभीर रूप से घायल भैंस की जान बचाने में सफलता मिली।
ऑपरेशन के बाद भैंस को आवश्यक दवाएं दी गईं तथा संक्रमण से बचाव के लिए विशेष उपचार किया गया। साथ ही पशुपालक दिनेश को भैंस की आगे की देखभाल, समय-समय पर दवा देने और साफ-सफाई बनाए रखने के संबंध में विस्तृत निर्देश भी दिए गए।
घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्र हो गए थे। उपचार के बाद सभी लोगों ने राहत की सांस ली। मौके पर मौजूद ग्राम प्रधान वंशीलाल, राम आशीष, सुरेमन चौधरी सहित अन्य ग्रामीणों ने पशुपालन विभाग की मोबाइल वेटरनरी टीम की त्वरित सेवा, समर्पण और सराहनीय कार्य की खुले दिल से प्रशंसा की। ग्रामीणों का कहना था कि यदि समय पर टीम मौके पर नहीं पहुंचती तो भैंस को बचाना संभव नहीं हो पाता।
ग्रामीणों ने बताया कि 1962 मोबाइल वेटरनरी सेवा ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों के लिए अत्यंत उपयोगी साबित हो रही है। इस त्वरित और सफल उपचार के बाद क्षेत्र में पशुपालन विभाग की इस सेवा की काफी सराहना की जा रही है और लोग इसे पशुपालकों के लिए बड़ी राहत बता रहे हैं।