
कानपुर। आर्य समाज बर्रा का 31 वा वार्षिकोत्सव का आरंभ रविवार को प्रातः काल वैदिक यज्ञ के साथ हुआ। आचार्य डॉक्टर सुश्रुत सामश्रमी वैदिक प्रवक्ता पानीपत ने यज्ञ के मंत्रों की विस्तार से व्याख्या करते हुए कहा कि केवल मंत्र पाठ करने मात्र से जीवन का कल्याण संभव नहीं है अपितु मंत्रों में बताए गए अर्थ के अनुसार कर्म एवं व्यवहार करने से ही जीवन उन्नतिशील बनता है। अतः प्रत्येक मनुष्य को वेदों के मंत्रों के अर्थ जानकर व समझ कर ही आचरण करना चाहिए। मुरादाबाद से पधारे आचार्य महावीर मुमुक्ष ने ईश्वर के विषय में समाज में फैल रही शंकाओं का समाधान करने करते हुए बताया कि ईश्वर एक चेतन सत्ता है जो समस्त चराचर जगत को अनुप्राणित कर रहा है, जिस प्रकार पंखा, टेलीविजन ,फ्रिज आदि को संचालित करने वाली शक्ति को विद्युत कहते हैं उसी प्रकार समस्त ब्रह्मांड को ऊर्जावान बनाने वाली शक्ति का नाम ही ईश्वर है। अर्थात ईश्वर ही सब का आधार है। मेरठ से पधारे भजनोंपदेशक अनिल दत्त नादान ने ईश्वर भक्ति के सुमधुर भजनों से सभी को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधान सत्येंद्र बाबू ने तथा संचालन डॉक्टर जीपी सिंह आर्य मंत्री ने किया। कार्यक्रम मैं मुख्य रूप से जगत नारायण आर्य ,अक्षय कुमार जौहरी, राम शेखर द्विवेदी, प्रकाश वीर आर्य, सुरेंद्र कुमार सक्सेना, शुभकुमार वोहरा,डॉक्टर उत्कर्ष आर्य, प्रमोद आर्य, श्रीमती हर्ष जोहरी, संगीता मिश्रा, उर्मिला आर्या, आशा रानी राय आदि उपस्थित थे।
वार्षिकोत्सव के इस अवसर पर वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डा.अभिषेक दीक्षित व उनके सहयोगियों ने स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया।जिसमें शुगर व ब्लड प्रेशर की निशुल्क जांच कर मुफ्त में दवाईयां भी वितरित की।