14 अप्रैल 2022 बाबा साहब डॉक्टर भीमराव अंबेडकर की जयंती के अवसर पर प्रधानाध्यापिका श्रीमती चंद्रकला वर्मा, श्रीमती सत्या पाण्डेय, श्रीमती अंजलि सिंह, श्रीमती सरला लता, श्रीमती निभा रानी जैक्सन एवं श्रीमती शान्ती देवी मिश्रा एवं समस्त प्रशिक्षुओं ने अंबेडकर जी की तस्वीर पर माला पहनाकर श्रद्धासुमन अर्पित किया गया

इस मौके पर प्रधानाध्यापिका श्रीमती चंद्रकला वर्मा जी ने कहा कि अंबेडकर जी जातिवाद, संप्रदायवाद और भ्रष्टाचार जैसे कुरीति को विकास के मार्ग में सबसे बड़ा अवरोधक मानते थे तथा जब संविधान का निर्माण हो रहा था, उसके पीछे एक चिंतन दृष्टि और स्वप्न था लेकिन आज का समाज संक्रमणकालीन व्यवस्था से गुजर रहा है। इस स्थिति में बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करना प्रासंगिक होगा। उन्होंने कहा कि अपने देश को सामाजिक एवं आर्थिक न्याय और प्रतिष्ठा एवं अवसर की समानता के सिद्धांतों पर विकसित करना ही बाबा साहब के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। तथा एक अर्थशास्त्री और मानवाधिकारों एवं महिला सशक्तिकरण के प्रबल समर्थक डॉ. अंबेडकर जी को हमारे देश के अग्रणी राष्ट्र निर्माता के रूप में जाना जाता है। एक महान चिंतक, विचारक, सुधारक के रूप में उनकी स्मृतियां हम लोगों के हृदय में हमेशा जीवंत रहेंगी। कार्यक्रम का संचालन सूरज कुमार कन्नौजिया एवं धन्यवाद ज्ञापन अभिषेक तिवारी ने किया। इस कार्यक्रम में बी०एड० द्वितीय वर्ष के प्रशिक्षु जयप्रकाश कुशवाहा, मनीष निषाद, निलेश कुमार, सिद्धार्थ द्विवेदी, प्रदीप कुमार मिश्रा, कुवैत अली, हरि ओम एवं समस्त विद्यार्थी उपस्थित रहें। ।
के के मिश्रा जर्नलिस्ट