भारतीय महागठबंधन एकजुटता संदेश यात्रा खलीलाबाद पहुँचने के बाद INL प्रदेश महासचिव मोहम्मद अली ने भरी हुंकार
ब्यूरो रिपोर्ट





भारतीय महागठबंधन से 313 खलीलाबाद विधान सभा प्रत्याशी मोहम्मद अली ने कहा कि वर्तमान उत्तर प्रदेश विधान सभा 2022 जिन परिस्थितियो मे हो रहे है उनसे आप सब लोग परिचित है, देश का हर नागरिक विशेषत: धार्मिक अल्पसंख्यक, मुख्य रूप से मुस्लिम समाज एव समस्त पिछड़े वर्ग, अनुसूचित जाति व जनजातिया इस बात पर चिंतित है कि जिस तरह पूंजीपतियो एवं बिकाऊ इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के माध्यम से टेलीविजन दारा देश मे संसदीय लोकतंत्र का गला घोटकर सरिया फासीवाद को हिन्दुस्तान पर लादने की कोशिश की जा रही है वह देश और देशवासियो दोनो के लिए चिन्ता जनक परिस्थिति है । पूंजीपति हमारे देश पर अपनी कठपुतली सरकार थोपने का हर सम्भव प्रयास कर रहे है, दिन प्रतिदिन बढ़ती महंगाई, बेरोजगारी, किसानो का उत्पीड़न, शिक्षको की पेंशन हटाना वही दूसरी ओर अम्बानी-अडाणी जैसे पूंजीपतियो को बढ़ावा देना, दिन प्रतिदिन खराब होती हुई अर्थव्यस्था, चरमराता लोक तांत्रिक ढांचा, समाजी स्तर पर बढ़ती हुई साम्प्रदायिक दूरिया, दिन प्रतिदिन अन्तरराष्ट्रीय स्तर पर गिरती हुई रूपए की साख एवं मूल्य, हमारे व्यवसाय पर पड़ने वाली चोट एवं लघु व कुटीर उद्योगो की तबाही, कताई, बुनाई से सम्बन्धित लोग प्रभावित है । मोहम्मद अली ने यह भी कहा कि भारतीय जनता पार्टी राष्ट्रवाद के नाम पर पूरे देश की संपत्ति को अपने चहेते उघोगपतियो के हाथ मे बेचने का काम कर रही है, इससे लोगो की रोजी रोटी सहारा खत्म होता जा रहा है । संपत्तियो का निजीकरण करने से आरक्षण का लाभ खत्म होता जा रहा है । निजीकरण करने से महगाई पर नियंत्रण करने का सरकार का अधिकार खत्म होता जा रहा है । इसलिए डीजल और पेट्रोल की कीमते आसमान छू रही है और सरकार कुछ नही कर पा रही है । अगर कृषि कानून लागू होगा तो डीजल पेट्रोल की तरह गेंहू, चावल, फल और सब्जियो की कीमते भी आसमान छुएगी। लेकिन किसान को कुछ नही मिलेगा । कृषि कानूनो से किसान अपनी जमीन से हाथ धो बैठेगा । जबरदस्ती थोपी गई नोटबंदी और जीएसटी कानून ने छोटे व्यापारियो की कमर तोड़ दी है ।
कोरोना की महामारी पर जिस तरह से सरकार ने काम किया उसके कारण लाखो लोगो की जान चली गई यदि समाज ने अभी भी सावधानी न बरती तो भारतीय जनता पार्टी को सरकार की सत्ता से नही हटाया जा सकता इसके लिए जरूरी है कि अनुसूचित जाति, जनजाति, पिछड़े वर्ग और अल्पसंख्यको को एकजुट ताकत का उपयोग सत्ता परिवर्तन के लिए किया जाए। पूर्वी उत्तर प्रदेश का पिछड़ापन एवं औद्योगिक स्तर पर उसकी बदहाली इस छेत्र के जनमानस की सबसे बड़ी समस्या है जिसको आजतक छेत्र के किसी प्रतिनिधित्व ने समस्या ही नही समझा । मित्रो आज देश के संविधान और उसके लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं एकता अखण्डता को बचाने का प्रश्न है और ऐसे कर्मठ,प्रगतिशील एवं जुझारू प्रतिनिधी को उत्तर प्रदेश विधान सभा मे भेजने की आवश्यकता है जो मात्र अपने राजनैतिक आकाओ के हाथ की कठपुतली ना बन सके और जनता के बीच हर वक्त खड़ा रहे ।
मानलीजिए और ठान लीजिए विश्वाश किजिए,
बदलाव चलकर आपकी चौखट तक आयेगा । उक्त बातें कहीं
मोहम्मद अली प्रदेश महासचिव इण्डियन नेशनल लीग भारतीय महागठबंधन।