अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि स्वाभिमान मंच समागम कार्यक्रम में राष्ट्र रक्षा का दोहराया संकल्प
समाज की आधार शक्ति नारी, प्रेरणा देता है व्रत व संकल्प
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
अखिल भारतीय ब्रह्मर्षि स्वाभिमान मंच के तत्वावधान में शहर के को तारामंडल में समागम हुआ। यहां सात्विकता का संदेश देकर स्वयं के भीतर के अंहकार व आसुरी प्रवृत्ति के नाश करने पर जोर दिया गया। इसके लिए सदस्यों ने भक्ति व शक्ति से राष्ट्र रक्षा का संकल्प दोहराया।
विजय शंकर पाण्डेय ने कहा कि समाज में नारी जाति के प्रति सम्मान की भावना है। भारतीय संस्कृति संस्थान के अखिलेश्वरधर द्विवेदी ने कहा कि ईश्वर ने नारी रूप में अवतार लेकर दुष्टों का संहार किया। आदि काल में महिषासुर के आतंक से मानव, देवता सहित समस्त प्राणी मारे-मारे फिरने लगे थे। महिलाओं का अस्तित्व खतरे में पड़ गया था। समस्त प्राणी के साथ-साथ महिलाओं की रक्षा करने के लिए ईश्वरीय शक्ति नारी रूप में अवतार लेकर महिषासुर के रक्त बीज सहित समस्त असुरों का वध किया। समाज को नारी के प्रति सम्मान करने की शिक्षा दी। स्त्री-पुरुष गृहस्थ रूपी रथ के दो पहिए हैं। इसमें एक पहिया खराब हो जाए या उसको उपेक्षित कर दिया जाय तो गाड़ी नहीं चल सकती है। डा. राजीव पांडेय ने कहा कि वर्ष में दो बार पड़ने वाले वासंतिक व शारदीय नवरात्र व्रत में वैज्ञानिक व सामाजिक समरसता के तथ्य छिपे हुए हैं। उपवास व हल्का आहार लेने से जहां शरीर की पाचन शक्ति सुदृढ़ होती है। ईश्वरीय चेतना की नारी शक्ति की उपासना करने से मानसिक शांति मिलती है।
अध्यक्षता करते हुए प्रांतीय संयोजक भानु प्रताप दूबे ने कहा संगठन द्वारा मुझे जो जिम्मेदारी सौंपी गई है मैं उसका पूरी तन्मयता से निर्वहन करुंगा।
इस मौके पर पं. ज्ञान प्रकाश पांडेय, विजय शंकर पाण्डेय एडवोकेट, कृष्ण कुमार त्रिपाठी, शर्देन्दु पाण्डेय, जय प्रकाश दूबे, विजय शंकर सिंह, विनोद कुमार शुक्ला, बृजेश ओझा, दुखरन पाठक, राकेश तिवारी, ओमकार शुक्ला, राकेश पाठक, डाॅ0 धर्मेन्द्र पाण्डेय, पंकज मिश्रा, रामकृष्ण शरण मणि त्रिपाठी, सतीश मणि त्रिपाठी, पिन्टू चतुर्वेदी, शैलेश उपाध्याय सहित संगठन के सदस्य मौजूद रहे।