गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया दीवान बाज़ार व दारुल उलूम अहले सुन्नत मजहरुल उलूम घोसीपुरवा में उर्स-ए-आला हज़रत अकीदत व एहतराम के साथ मनाया गया। क़ुरआन ख़्वानी हुई। मदरसे के बच्चों ने नात व मनकबत पेश की। महफिल में मुफ़्ती अख़्तर हुसैन मन्नानी (मुफ़्ती-ए-शहर) ने कहा कि आला हज़रत 14वीं व 15वीं सदी हिजरी के अज़ीम मुजद्दिद हैं। जिन्हें उस समय के प्रसिद्ध अरब व अज़म के विद्वानों ने यह उपाधि दी।