गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

नूरी मस्जिद तुर्कमानपुर में जोहर की नमाज़ के बाद महफिल हुई। जिसमें मौलाना मो. असलम रज़वी व मौलाना मकसूद आलम मिस्बाही ने कहा कि आला हज़रत ने पूरी ज़िन्दगी अल्लाह व रसूल की इताअत व फरमाबरदारी में गुजारी। आला हज़रत पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम पर जानो दिल से फ़िदा व क़ुर्बान थे। तकरीर के बाद कुल शरीफ की रस्म अदा की गई। अंत में सलातो सलाम पढ़कर दुआ मांगी गई। अकीदतमंदों में लंगर बांटा गया। महफिल में शाबान अहमद, अलाउद्दीन निज़ामी, मो. सैफ रज़ा निज़ामी, अशरफ़ निज़ामी, मो. शरीफ, मौलाना मकबूल, कारी मोहसिन, मनोव्वर अहमद आदि मौजूद रहे।