शीघ्र होगें जिले के कैदी जिला कारागार मे – हुआ लोकार्पण
रिपोर्ट :- जीएल वेदांती


सन्त कबीर नगर – जनपद के कैदियो को अब कारागार बस्ती मे बन्द नही होना पड़ेगा और न ही पेशी के लिए तीस पैतीस किलोमीटर की दूरी तय करनी पड़ेगी । जनपद सृजन के तेईस बाद जनपद मे बना जिला कारागार का संचालन शीर्घ होने वाला है़ । सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कर कमलो द्वारा जनपद को एक सौ बाइस परियोजना शिलान्यास के साथ 125 करोड़ की लागत से बना जिला कारागार का लोकार्पण किया जा चुका है़ । 40.41एकड़ की भूमि मे निर्मित जिला कारागार की क्षमता पांच सौ बासठ बन्दी ( पुरुष 502 , अल्पवयस्क 30 , महिला 30 ) की जहां क्षमता है वही कृषि योग्य 8.0 एकड़ भूमि प्राप्त है़ । सेंट्रल जेल फतेहगढ़ फरूखाबाद व सन्त कबीर नगर जिला कारागार प्रभारी जेलर जी आर वर्मा की माने तो पन्द्रह दिन के भीतर संचालन व्यवस्था कम्प्लीट हो जायेगा , जिला कारागार के संचालन मे सुरक्षा के लिए सिपाही व डाक्टर , फार्मासिस्ट की नियुक्ति बाकी है़ । जेल अधिनियम के मुताबिक बेहतर संचालन हेतु दो चिकित्साधिकारी दो फार्मासिस्ट इत्यादि के साथ एक सौ तीन स्टाप की जिम्मेदारी होगी ।
बताते चले कि आपराधिक मामलो मे सजा काट रहे और मुकदमा के दौरान विचाराधीन कैदियो को रखने के लिए कोई जेल नही था इसीलिए सारे कैदियों को पड़ोसी जनपद बस्ती की जेल मे रखा जाता था । जिले के कैदियो को पेशी के दौरान बस्ती से सन्त कबीर नगर लाने मे काफी दिक्कते और धन खर्च होता रहा । लिहाजा सुरक्षा और कैदियो की दिक्कतो को देखते हुए 2015 मे जिला कारागार का निर्माण कार्य प्रारम्भ हुआ और 30 – 7 – 21 को कारागार हस्तगत हुआ । जेल सुरक्षा के दृष्टिगत एक जेल अधीक्षक एक कारापाल सहित चार उप कारापाल व बासठ बन्दी रक्षको के साथ बस्ती कारागार मे बन्द कैदियो को शिफ्ट कर शीर्घ ही सुचारू रूप से जिला कारागार का संचालन शुरू हो जायेगा ।
उल्लेखनीय है़ कि कारागार एक ऐसी जगह होती है़ जहां पर चोरी , डकैती , आतंक आदि करने वालो को रखा जाता है़ ताकि समाज मे शान्ति स्थापित रहे इसके लिए हर देश का एक कानून होता है़। कानून का उल्लंघन करने वालो को कानून का रखवाला यानी प्रहरी अथवा पुलिस पकड़ती है़ और जब तक उस पर न्यायालय से कोई सुनवाई नही हो जाता है़ तब तक पुलिस उस अपराधी या दोषी को अपने गिरफ्त मे रखती है़ ।