हम कैसे मुबारकबाद दें !

संतकबीरनगर:- ( मोबीन ख़ान) प्रोफेट मुहम्मद सल के फतह मक्का के आज 1400साल के बाद कभी ऐसा नहीं हुआ कि हम ने अपनी ईद न मनाई हो ।तरावीह न अदा की हो लेकिन हमें अफसोस नहीं है भारत के मुस्लिमो ने या साबित किया है जिसकी उम्मीद नहीं थी जहां जहां लाक डाउन था मुस्लिमो ने इसे अपना फ़र्ज़ समझते हुवे तमाम इंसानों का ख्याल रखा वह बाहर भी नहीं निकले और ज़रूरत पर मदद को भी आए ।अपने सभी धार्मिक कामो को अपने घर तक सीमित कर लिया ,लेकिन खुफिया कैमरा हमको तलाश करता रह हमारे मस्जिदों तक भी कि इनको बदनाम किया जाय लेकिन यह नाकाम रहे ।भारत के25 करोड़ मुस्लिमो ने दिखाया कि हम हुकूमत के साथ इंसानों के सेहत के साथ खड़े हैं । ईद के कुछ रोज़ पहले बाज़ार खोल दिए गए लेकिन जब एक पत्रकार ने दिल्ली में एक मुस्लिम महिला से पूछा कि दुकानों पर खामोशी क्यों है मुस्लिम दुकानों पर क्यों नहीं जा रहे है ।उसका जवाब था।
हमारा मुल्क पूरा परेशान है लोग भूख प्यास से पैदल चल रहे है अपनी जान दे रहे है तो इस माहौल में आपको हमारे कपड़ों की चिंता है । मुस्लिमो ने बता दिया कि हम मुल्क के हर कानून का सम्मान करते है ।कम से कम हमारी नस्ले इससे सबक हासिल करेंगी ।