15 जुलाई तक कार्रवाई नहीं हुई तो सख्त कदमों की चेतावनी, BSA पर लगा गंभीर आरोप
मान्यता रहित एकेडमी बंद कराने और सुरक्षा देने की मांग उठी ,

संत कबीर नगर 6 मई 2026 जनपद में शिक्षा व्यवस्था को लेकर एक बार फिर अति पिछड़ा एकीकरण महाअभियान द्वाराआवाज बुलंद की गयी । अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान ने जिलाधिकारी संत कबीर नगर को ज्ञापन सौंपते हुए शिक्षा का अधिकार अधिनियम (RTE) 2009 के प्रावधानों के अनुपालन की मांग करते हुए संगठन ने स्पष्ट कहा कि “शिक्षा शेरनी के दूध के समान है”, जिसे हर वर्ग तक समान रूप से पहुंचाना शासन-प्रशासन की जिम्मेदारी है।
ज्ञापन में धारा 18(5) तथा शिक्षा निदेशक के 10 अक्टूबर 2023 के आदेश का हवाला देते हुए आरोप लगाया गया है कि अपोपेन क्षेत्र में एक मान्यता रहित एकेडमी का संचालन अब भी जारी है। संगठन का कहना है कि इस प्रकार के अवैध संचालन से न केवल छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है, बल्कि शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी प्रश्नचिन्ह लग रहा है।
मुख्य राष्ट्रीय संयोजक अनिल कुमार प्रजापति द्वारा 6 मई 2026 को सौंपे गए पत्र में कहा गया है कि शिक्षा क्षेत्र में सुधार की दिशा में उठाए जा रहे कदमों का कुछ तथाकथित शिक्षा माफियाओं द्वारा विरोध किया जा रहा है। इसके चलते संगठन के पदाधिकारियों एवं उनके परिजनों की सुरक्षा को खतरा उत्पन्न हो गया है। उन्होंने प्रशासन से सुरक्षा प्रदान करने की मांग भी की है।
ज्ञापन में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी संत कबीर नगर पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए संगठन का कहना है कि अधिकारी द्वारा मीडिया में दिए गए बयान कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने वाले हैं। ऐसे में संबंधित अधिकारी को शिक्षा शासन से हटाकर पुनः नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की गई है।
मुख्य मांगों में मान्यता रहित एकेडमी को 15 जुलाई 2026 तक बंद कराना, संबंधित अधिकारियों पर कार्रवाई करना तथा संगठन के पदाधिकारियों को सुरक्षा उपलब्ध कराना शामिल है।
संगठन द्वारा अपने ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया है कि स्थानीय पुलिस प्रशासन अपेक्षित सहयोग नहीं कर रहा है और कई बार संपर्क करने पर भी फोन नहीं उठाया जाता। इसे लेकर संगठन ने नाराजगी जताई है।
अतिपिछड़ा एकीकरण महाअभियान ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय सीमा तक मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन को तेज किया जाएगा। साथ ही आवश्यक होने पर धारा 144 लागू कर अवैध गतिविधियों में संलिप्त लोगों की गिरफ्तारी सुनिश्चित कराने की भी बात कही गई है।
ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार, प्रमुख सचिव बेसिक शिक्षा, शिक्षा निदेशक बेसिक, मंडलायुक्त बस्ती, पुलिस अधीक्षक संत कबीर नगर, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग एवं राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग सहित कुल 11 अधिकारियों को भेजी गई है।
संगठन ने प्रशासन से निष्पक्ष, पारदर्शी और त्वरित कार्रवाई की अपेक्षा जताते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कानून का पालन और जवाबदेही सुनिश्चित करना अत्यंत आवश्यक है।
के के मिश्रा जर्नलिस्ट