संराईज़ एजुकेशनल एंड वेलफेयर एसोसिएशन (सेवा) ने भारतीय उद्योगपति रतन टाटा के निधन पर जताया शोक
भारतीय उद्योग जगत को बड़ा झटका रतन टाटा अब नहीं रहे : मोहम्मद आकिब अंसारी
जोखिम उठाएं लेकिन लापरवाह ना हों : उद्योगपति रतन टाटा

गोरखपुर भारतीय उद्योगपति और परोपकारी रतन टाटा का 09 अक्टूबर 2024 को 83 वर्ष की आयु में निधन हो गया। वह टाटा समूह के अध्यक्ष भी रह चुके थे और उनकी अध्यक्षता में समूह ने विश्व स्तर पर अपनी एक अलग पहचान बनाई। इस अवसर पर तुर्कमानपुर गोरखपुर स्थित संस्था के राष्ट्रीय कार्यालय पर संराईज़ एजुकेशनल एंड वेलफेयर एसोसिएशन (सेवा) ने शोक जताया।
संस्था के संस्थापक एवं डायरेक्टर मोहम्मद आकिब अंसारी ने बताया कि रत्न टाटा का जन्म 28 दिसंबर 1937 ई. को मुंबई में हुआ था। उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी, अमेरिका से आर्किटेक्चर में स्नातक की उपाधि प्राप्त की । उन्होंने टाटा समूह में 1961 ई. में काम करना शुरू किया और 1991 ई. में जेआरडी टाटा के सेवानिवृत्त होने के बाद अध्यक्ष बने । उनकी अध्यक्षता में टाटा समूह ने कई बड़े अधिग्रहण किए, जिनमें टेटली, जैगुआर लैंड रोवर और कोरस शामिल हैं । उन्होंने टाटा नैनो कार की और विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई ।
रतन टाटा एक प्रसिद्ध परोपकारी थे। उन्होंने शिक्षा, चिकित्सा और ग्रामीण विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया । उन्होंने कॉर्नेल यूनिवर्सिटी और हार्वर्ड बिजनेस स्कूल में भी दान किया। 2000 में तीसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म भूषण प्राप्त करने के बाद, 2008 में उन्हें भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म विभूषण से भारत के राष्ट्रपति द्वारा सम्मानित किया गया।
रतन टाटा का निधन भारतीय उद्योग और परोपकार जगत के लिए एक बड़ी क्षति है। उनकी विरासत और आदर्श आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।
इस अवसर पर माध्यमिक शिक्षा परिषद उत्तर प्रदेश के सदस्य डॉक्टर एहसान अहमद, शांति सद्भावना समिति के सदस्य आदिल अमीन, वरिष्ठ समाजसेवी हाजी जलालुद्दीन कादरी, युवा जनकल्याण समिति के अध्यक्ष कुलदीप पांडेय, युवा समाजसेवी मकसूद अली, युवा समाजसेवी सत्यम गहलोत, छात्र संगठन से अयान अहमद निजामी, समीर सिद्दीकी, अनस खान, काशिफ सैय्यद आदि लोगों ने उपस्थित होकर शोक जताया।