हाफिजे कुरआन का दुनिया व आखिरत मे बहुत बड़ा दर्जा है- मौलाना अब्दुर्रहमान

रिपोर्ट- मुहम्मद परवेज अख्तर
संतकबीरनगर। रविवार की रात विकास खण्ड सेमरियावां क्षेत्र के गांव देवरिया नासिर स्थित मदरसा अरबिया रहमानिया में चार हाफिजे कुरआन की दस्तारबंदी के मौके पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
इस दौरान मौलाना अब्दुर्रहमान ने कहा कि दुनिया और आखिरत में हाफिजे कुरआन का बहुत बड़ा दर्जा है। कुरआन हिफ्ज करने के बाद उसे अपने सीनों में महफूज करना जरूरी है। रोज कुरआन की तिलावत पाबंदी से करें। कुरआन में बताए गए अहकामात पर अमल खुद भी करे और दूसरों को भी दावत दें।
उन्होंने कहा कि कुरान पढ़ो क्योंकि यह कुरान अपने पढ़ने वालों के लिए रोजे कयामत शिफारशी बनकर आएगा। तुम ज़ाहिरअवीन यानी सूरह बकरा और आले इमरान पढ़ो ये रोजे कयामत आएंगी गोया कि यह दो बादल हैं या दो सायबान हैं जो उड़ने वाले दो परिंदो के झुंड हैं जो अपने पढ़ने वालों के लिए तकरार करेंगी, हाफिज ए कुरान के रिश्तेदारों और औलाद के बारे में एक दलील मिलती है कि हाफिज ए कुरान के वालिदैन को दो लिबास पहनाए जाएंगे जिनकी कीमत दुनिया-ओ- माफीहा भी नहीं है, इसलिए कि हाफिज ए कुरान के माता पिता ने अपने बच्चे की खूब मेहनत के साथ परवरिश की और उसे तालीम दिलवाई चाहे हाफिज ए कुरान के वालिदैन अनपढ़ ही क्यों ना हो अल्लाह ताला फिर भी उनकी इज्जत अफजाई फरमाएगा, लेकिन अगर कोई अपने बच्चे को कुरान ए मजीद हिफ़्ज़ करने से रोकता होगा तो वह महरूमों में शामिल होगा।
मदरसा के नाजिम मौलाना मुहम्मद मोबीन ने कहा कि
हाफिजे कुरआन का जन्नत में ठिकाना वहां होगा जहां वह आखिरी आयत पढ़ेगा।
इस दौरान मुहम्मद आसिम पुत्र मुहम्मद अतहर, अब्दुल बासित पुत्र जौहर अली, मुहम्मद जकरिया पुत्र मसूद अहमद, मुहम्मद सहल पुत्र हाफिज इनामुल्लाह को मौलाना अब्दुर्रहमान, नाजिम मौलाना मुहम्मद मोबीन तथा ग्राम प्रधान प्रतिनिधि मुहम्मद सुलेमान चौधरी ने दस्तारबंदी की।
इस अवसर पर अब्दुर्रहमान, मास्टर एजाज अहमद, अबू होरैरा, अफसरूद्दीन, निसार अहमद, इम्तियाज़ अहमद, नोमान सिद्दीकी आदि मौजूद रहे।