👉⭕जिला अध्यक्ष प्रदीप पांडे के नेतृत्व में रोजगार सेवकों ने अपने आठ सूत्रीय मांगों को लेकर मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा।
👉⭕विधायक अंकुरराज तिवारी, अनिल त्रिपाठी, व गणेश चौहान ने भी रोजगार सेवकों की सुनी पड़ा।

संतकबीरनगर:उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा 4 अक्टूबर 2021 को डिफेंस एक्सपो के मैदान में रोजगार सेवको के लिए किए गए घोषणा को अभी तक अमल में ना लाने से नाराज रोजगार सेवकों ने प्रदेश व्यापी प्रदर्शन किया। जिले के रोजगार सेवकों ने जिलाध्यक्ष प्रदीप पांडेय की अगुआई में जुलूस निकालने के बाद कलेक्ट्रेट कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान रोजगार सेवकों ने मुख्यमंत्री वादा निभाओ का नारा जमकर लगाया और अपनी मांगों से जुड़ा ज्ञापन प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। मीडिया से बातचीत के दौरान रोजगार सेवक संघ के जिलाध्यक्ष प्रदीप कुमार पांडेय ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए कहा कि साल 2021 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हम रोजगार सेवकों से जो वादा किया था उसे आजतक अमल में नहीं लाया गया, जिसको लेकर आज पूरे प्रदेश में सरकार के खिलाफ प्रदर्शन हुआ। उन्होंने कहा कि आज हमने 08 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा है जिसपर यदि जल्द निर्णय सरकार ने नही लिया तब हम सभी वृहद स्तर पर आंदोलन करेंगे। आपको बता दें कि मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन में जिन आठ सूत्रीय मांगो का जिक्र है उसके अनुसार रोजगार सेवक मुख्यमंत्री को उनका वादा याद दिलाते हुए उसे जल्द पूरा करने की मांग किए है। सीएम द्वारा ग्राम रोजगार सेवकों एवं मनरेगा कर्मियों के संबंध में की गई घोषणाओं पर जल्द शासनादेश निर्गत किए जाने की मांग समेत हिमांचल प्रदेश की तर्ज पर नियमतीकरण और मानदेय बढ़ोत्तरी की मांग शामिल हैं साथ ही ग्राम विकास अधिकारी की भर्ती में 50 प्रतिशत आरक्षण की मांग भी रोजगार सेवकों ने की है। इसके अलावा कोविड के अतिरिक्त आकस्मिक अथवा दुर्घटना से मृत्यु होने घर उनके आश्रितों को नौकरी देने की मांग, इपीएफ कटौती की धनराशि मनरेगा कर्मचारियों के यू०ए०एन खाते में भेजने की मांग, बकाया मानदेय आदि से संबंधित मांग रोजगार सेवकों ने सरकार से की है।
रिपोर्ट:के के मिश्रा ,नवनीत श्रीवास्तव जर्नलिस्ट