गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।

सुन्नी जामा मस्जिद सौदागर मोहल्ला, बेलाल मस्जिद इमामबाड़ा अलहदादपुर व मदरसा क़ादरिया तजवीदुल क़ुरआन लिल बनात में भी उर्स-ए-आला हज़रत धूमधाम से मनाया गया। क़ुरआन ख़्वानी व फातिहा ख़्वानी की गई। महफिल में कारी मो. मोहसिन रज़ा, कारी अफ़ज़ल बरकाती व कारी शराफत हुसैन क़ादरी ने कहा कि आला हज़रत ने हिंद उपमहाद्वीप के मुसलमानों के दिलों में अल्लाह और पैग़ंबर-ए-आज़म हज़रत मोहम्मद सल्लल्लाहो अलैहि वसल्लम के प्रति प्रेम भर कर पैग़ंबर-ए-आज़म की सुन्नतों को ज़िन्दा किया। आप सच्चे समाज सुधारक थे। आप मुल्क से बहुत मोहब्बत करते थे। जंगे आजादी में आपने और आपके पूरे खानदान ने महती भूमिका निभाई। अंत में सलातो सलाम पढ़कर दुआ मांगी गई। शीरीनी बांटी गई। महफिल में काशिफा बानो, नौशीन फातिमा, जिक्रा फातिमा, महजबीन सुल्तानी, इलमा नूर आदि ने शिरकत की।