सेराज अहमद कुरैशी
गोरखपुर, उत्तर प्रदेश।
पुराना गोरखपुर इमामबाड़ा कमेटी के बैनर तले महफूज आलम मोतवल्ली के नेतृत्व में उर्दू अकादमी उत्तर प्रदेश का चेयरमैन नियुक्त होने पर मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश ने जो भरोसा जताया चौधरी कैफुल वरा साहब पर और उत्तर प्रदेश उर्दू अकादमी की बागडोर सौंपा।
इस खुशी के अवसर पर पुराना गोरखपुर इमामबाड़ा कमेटी द्वारा सम्मान समारोह का आयोजन एक मैरिज हाल मे हुआ।
जिसमें धर्मगुरु ,बुनकर समिती, विभिन्न संगठनों के अध्यक्ष उपस्थित रहे जलसे की सदारत अध्यक्षता कर रहे मुंशी सज्जाद अली ने किया।
इस अवसर पर शाल ओढ़ाकर स्मृति चिन्ह देकर फूल मालाओं से चेयरमैन साहब का स्वागत हुआ।
मेहमान ए खुसूसी जनाब महबूब सईद हारिस साहब सभा को संबोधित करते हुए कहा कि हम अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा दिलाएं और हर हाल में उर्दू को पढ़ें और बच्चों को भी पढ़ाएं घरों में एक उर्दू की मैगजीन जरूर ले।
शाकिर अली सलमानी संरक्षक हिंदू मुस्लिम एकता कमेटी उत्तर प्रदेश ने कहा उत्तर प्रदेश के स्कूलों में पाठ्यक्रमों में उर्दू सब्जेक्ट एक अनिवार्य होना चाहिए जिससे कि उर्दू पढ़ने वाले जो मदरसे से बच्चे निकले उन्हें रोजी-रोटी से जुड़ने और गवर्नमेंट सर्वेंट बनने का मौका मिले चेयरमैन चौधरी कैफुल वरा साहब से मेरा निवेदन है गुजारिश है कि आप इस काम को कराएं हम मुसलमानों को मुख्यधारा से जुड़ने के लिए अपने आने वाली नस्ल अपने बच्चों को आधुनिक शिक्षा प्रणाली स्वीकार कराना होगा अब हमें अपनें बेटों और बेटियों को आईएएस ,पीसीएस ,डॉक्टर, इंजीनियर ,एमबीए ,एमबीबीएस, बनाने की तरफ अग्रसर होना होगा धार्मिक शिक्षा हम घर पर दिला सकते हैं उर्दू अरबी की मगर समाज में उठने और बैठने के लिए जीवन यापन करने के लिए हमें आधुनिक शिक्षा की जरूरत है हमें समाज के साथ देश के साथ कदम से कदम मिलाकर चलना है अपने बच्चों को आगे बढ़ाना है समाज के मुख्यधारा से जोड़ने वाली शिक्षा को देना होगा देना होगा आधी रोटी खाएंगे अपने बच्चों को शिक्षित बनाएंगे यही है नारा हमारा हैं।
सभा को संबोधित करते हुये डॉक्टर साजिद हुसैन अंसारी गोरखपुर यूनिवर्सिटी उर्दू विभाग प्रोफेसर ने कहा कि उर्दू धीरे-धीरे खत्म हो रही है क्योंकि हमारे बच्चे खुद उर्दू पढ़ते नहीं लिखते नहीं बोलते नहीं उर्दू की मैगजीन पड़ी रहती है टेबल पर कोई पढ़ने वाला नहीं उर्दू की मैगजीन छपना बंद हो रही है उर्दू के पेपर छपने बंद हो रहे हैं आखिर क्यों क्योंकि हमने उर्दू को इज्जत दी ही नहीं उर्दू को धर्म के चश्मे से ना देखा जाए उर्दू एक संस्कृति लैंग्वेज है लैंग्वेज की तरह ही उस पर उसे ट्रीट किया जाए सम्मान समारोह का संचालन हाफिज नसरुद्दीन साहब ने किया।
सम्मान समारोह में मुख्य रूप से शाकिर अली सलमानी , चौधरी मोइनुद्दीन अंसारी , चौधरी अनस अंसारी, डॉक्टर साजिद हुसैन अंसारी ,राधेश्याम रावत पार्षद , चौधरी जैद अंसारी, समीम सलमानी ,योगेंद्र कुमार गौड़ एडवोकेट, गुलाम अली खान, रामजतन, मिनहाज उल हक, राजू भाई, रहीमुद्दीन ,कौशर भाई, शहाबुद्दीन खैरुलवारा भाई आदि सैंकड़ों गणमान्य लोग उपस्थित रहें।