महामारी मे जननेताओ ने जनता से झाड़ा पल्ला समाजसेवी भी है़ दूर
सन्त कबीर नगर – चलन है़ कि क्षेत्र जवार जनता की समस्या को बतौर हल जनप्रतिनिधियो को लोकतांत्रिक रूप से चुना जाता है़ । जो शत – प्रतिशत विश्वास की कड़ी होता है़ ऊपर से जनप्रतिनिधि भी कर्त्तव्य परायणता को लेकर कटिबद्धता दिखाते है़ । फिर ऐसा क्या हुआ जो जनप्रतिनिधि कोविड 19 की महामारी की मुसीबत मे पड़ी जनता को भूलकर निगाहे फेर बैठे है़ न वे कही दिखायी दे रहे है़ और न ही उनकी कोई गतिविधि दिखायी दे रही है़ । वे भी कही दिखायी नही दे रहे है़ जो समाजसेवा के रास्ते राजनीति का सफर तय करते है़ ।
बताते चले कि वैश्विक महामारी कोविड 19 के दूसरे भयंकर लहर मे रौद्र रूप धरकर तेजी से बढ़ रहे संक्रामकता को रोकने के निसबत सरकार द्वारा जारी गाइड लाइन के अनुपालन मे जिला प्रशासन रात – दिन एक करते हुए सोशल डिस्टेंसिंग , सेनिटाइजर , मास्क प्रयोग पर बल देते हुए जनपद के कोने – कोने का भ्रमण कर रहा है़ यही नही लोग अपने जीवन सुरक्षा को गंभीरता से ले इसके लिए बतौर सख्ती चालान का भी प्रावधान कर दिया है़ । बिना मास्क लगाये लोगो को जागरूकता का परिचय देते हुए सतर्कता का पाठ पढ़ाया जा रहा है़ सुरक्षा मे ढीलवाही न बरते इसके लिए चालान कटवाया जा रहा है़ । निगाहो की किरकिरी बनी पत्रकारिता से जुड़े लोग सुरक्षा की निगाहो से पैनी निगाह रखे हुए है़ और कही कोई चूक भारी न पड़ जाय सुधारात्मक कदम उठाने का पहल कर रहे है़ । लेकिन विकास की नदिया बहाने वाले जन समस्या क्षेत्र जवार जनपद समस्या का आवाज उठाने वाले जनपद के वे जनप्रतिनिधि कही दिखायी नही दे रहे है़ । दिखना तो दूर उनकी वो बुलन्द आवाज भी कही दब गयी है़ जिसमे जनहित के स्वर गूंजते है़ ।