प्रत्याशियो की व्यवस्था मे आये परदेशी वोटर क्यो रहे प्रशासन की कोविड 19 की नजर से दूर ?

सन्त कबीर नगर – मतदाताओ को रिझाने वाले रुपया , कपड़ा , मांस , मदिरा हथकंडे पर जिला प्रशासन ने बहुतायत कार्यवाई कर लोकतंत्र के महा मताधिकार का बहुत अच्छा सन्देश दिया । पूरे जनपद मे त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव शांति पूर्वक सम्पन्न हुआ , मतदाता बढ़ – चढ़कर हिस्सा लिए ।
प्रत्याशियो के प्रयास से परदेश कमाने गये मतदाताओ का गांव का रुख पंचायती चुनाव को एक बेहतर नजरिया दिया । वैश्विक महामारी कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण के बीच पूरे जनपद मे पड़े सत्तर प्रतिशत मतदान मे परदेशी मतदाताओ का मतदान अहम साबित हुआ । लेकिन प्राप्त जानकारी के अनुसार एक बात यहां गौर करने वाली है़ बताया जाता है़ कि टी ए डी ए की व्यवस्था पर आये परदेशी वोटरो के प्रति जिला प्रशासन उदासीन रहा , कोविड 19 के बचाव क्रम की दृष्टि से गंभीरता नाम मात्र की रही , न इनके इस तरह से आये किसी परदेशी वोटर पर कोई नजर रखी गयी और न ही वैश्विक महामारी कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण को ध्यान मे रखते हुए कोई सख्ती दिखायी गयी । कोविड 19 के बढ़ते संक्रमण राज्य से आये मतदाता जहां सीधे अपने घर आकर हित मित्र से मिलते – जुलते परिवार के साथ रहे , वही वोटर का हिस्सा बनकर बेहिचक मतदान किये । ऐसे मे यह सवाल उठना लाजिमी है़ कि इस उदासीनता के पीछे जिला प्रशासन की व्यस्तम जिम्मेदारी रही या फिर कोविड 19 के बचाव मे जारी गाइड लाइन अनुपालन व्यवस्था की कमी रही ? लिहाजा लोकतंत्र के महापर्व त्रिस्तरीय पंचायती चुनाव के मतदान का दिन गुजर गया है़ । लोग प्रत्याशी चुनाव की नजरिया बदल चुके है़ कौन प्रत्याशी किस पर भारी हुआ जीत का सेहरा किसके सर सजेगा , गली चौराहे से लेकर सार्वजनिक स्थानो पर चर्चा अनुमान तर्क का हिस्सा बन चुका है़ । प्रत्याशी भी अब अभिवादन संस्कृति भूल चुके है़ मतगणना दिवस का इंतजार करते हुए हार – जीत का अनुमान लगा रहे है़ ।