नई दिल्ली: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियां तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकी दे रही हैं। उन्होंने कहा कि टीएमसी नेताओं को धमकाया जा रहा है कि यदि वे भाजपा के संपर्क में नहीं आएंगे तो उन्हें चिटफंड घोटाला मामलों में जेल भेज दिया जाएगा।
तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने यहां शहीद दिवस रैली को संबोधित करते हुए कहा कि पार्टी 26 जुलाई को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेगी और भाजपा द्वारा जुटाए गए काले धन को वापस करने की मांग करेगी।
लोकसभा चुनाव के बाद अपनी पहली बड़ी राजनीतिक रैली में बनर्जी ने कहा, ‘केंद्रीय एजेंसियां चिटफंड घोटाले से संबंधित मामलों को लेकर हमारे नेताओं और निर्वाचित प्रतिनिधियों को धमकी दे रही हैं और उनसे भाजपा के संपर्क में रहने या फिर जेल का सामना करने को कह रही हैं।’
‘दो करोड़ रुपये और पेट्रोल पंप का लालच दे रही भाजपा’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा धन और अन्य प्रलोभनों के जरिए तृणमूल कांग्रेस के विधायकों को ललचाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया, ‘भाजपा पाला बदलने की स्थिति में हमारे विधायकों को दो करोड़ रुपये और एक पेट्रोल पंप देने की पेशकश कर रही है… कर्नाटक की तरह, भाजपा हर जगह खरीद-फरोख्त में शामिल है। वह यहां भी इस मॉडल को लागू करने की कोशिश कर रही है।’
‘दो साल से ज्यादा नहीं चल पाएगी केंद्र सरकार’
बनर्जी ने कहा कि केंद्र सरकार जिस तरह से काम कर रही है, उसे देखते हुए लगता है कि वह दो साल से अधिक समय तक नहीं टिक पाएगी। तृणमूल कांग्रेस की प्रमुख ने कहा, ‘वे (भाजपा) विधेयक ला रहे हैं और इन्हें पूर्व सूचना या विमर्श के बिना पारित कर रहे हैं… संसद के अच्छी तरह से चलने का श्रेय विपक्षी दलों को जाता है, न कि सत्तारूढ़ दलों को।’
बता दें कि पार्टी द्वारा हर साल 21 जुलाई को युवा कांग्रेस के उन 13 कार्यकर्ताओं की याद में ‘शहीद दिवस’ मनाया जाता है जो पश्चिम बंगाल में वाम मोर्चे के शासन के दौरान 1993 में पुलिस की गोलीबारी में मारे गए थे। उस समय बनर्जी युवा कांग्रेस की नेता थीं।