कल पढ़ाने मत आना दुल्हल सजाने जाना है 20 टीचर को आदेश:डीएम ने कहा होगी कार्यवाही
बस्ती / मंडल / सिद्धार्थनगर
रिपोर्ट : राहिल ख़ान


सिद्धार्थनगर। जिले में मंगलवार को होने वाले सामूहिक विवाह समारोह में महिला शिक्षिकाओं को दुल्हनों को सजाने का जिम्मा सौंपा गया था। शिक्षा विभाग से इस आशय का बाकायदा आदेश जारी किया गया था। खंड शिक्षा अधिकारी नौगढ़ ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने दुल्हनों को सजाने के लिए 20 शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाई थी। उन्हें सुबह 9 बजे ही कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने को कहा गया था। यह खबर फैली तो अधिकारी पल्ला झाड़ते नजर आए। इस आदेश को लेकर चारों तरफ से आलोचनाएं झेलने के बाद देर शाम बीएसए ने आदेश को निरस्त कर दिया।
प्रशासन की तरफ से 28 जनवरी को सामूहिक विवाह का आयोजन किया गया है। इसमें 184 जोड़े एक-दूजे का हाथ थामेंगे। इसके लिए प्रशासन ने सोमवार से पंडाल लगाना शुरू कर दिया है। इस बीच सोमवार को खंड शिक्षा अधिकारी नौगढ़ ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने लिखित आदेश जारी कर 20 शिक्षिकाओं को 28 जनवरी की सुबह नौ बजे सामूहिक विवाह स्थल पर पहुंचने को कहा था। इन शिक्षिकाओं की ड्यूटी दुल्हनों को सजाने के लिए लगाई गई थी।
खंड शिक्षा अधिकारी ध्रुव प्रसाद जायसवाल ने बताया कि सामूहिक विवाह स्थल पर शिक्षिकाओं की ड्यूटी देखरेख के लिए लगाई है।
बीएसए डॉ. सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया कि खंड शिक्षा अधिकारी की ओर से शिक्षिकाओं की ड्यूटी लगाने की जानकारी मिली है। जिस आदेश को निरस्त/रद्द कर दिया गया है खण्ड शिक्षा अधिकारी के विरुद्ध कार्यवाही प्रस्तावित है।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने बताया कि शिक्षिकाओं का ऐसे कामों में ड्यूटी लगाना गलत है। सभी की ड्यूटी कैंसिल की जाएगी। खंड शिक्षा अधिकारी से भी स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
ब्युरो रिपोर्ट::
राहिल खान