नई दिल्ली: आर्मिस्टिक समझौते के मुताबिक 1949 में 20,770 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में भले ही यहूदी बहुल इजरायल बसा दिया गया हो लेकिन यहां से निकल रही पुरातात्विक वस्तुएं अब भी बताती हैं कि पुरातन काल में यहां मुस्लिम और ईसाई सभ्यताएं भी पनपी हैं। यहां नेगेव रेगिस्तान में हाल ही में 1200 साल पुरानी मस्जिद मिली है जिसका इस्तेमाल उस समय के किसान करते रहे होंगे।
पुरातत्वविदों का दावा है कि दक्षिणी इजरायल में हजारों साल पुरानी यह मस्जिद अरबी बिदुएन जनजातियों के शहर रहात के पास मिली है। यहां उत्खनन की जिम्मेदारी संभाल रहे पुरातात्विक निर्देशक जॉन सेलिगमैन और शाहर जुर ने बताया कि सातवीं और आठवीं शताब्दी की यह छोटे आकार वाली शहरी मस्जिद विश्व के भीतर एक दुर्लभ खोज है।
ऐसा इसलिए क्योंकि किसी समय नेगेव रेगिस्ताव में बिदुएन जनजाति की आबादी अब बहुत ही कम रह गई है। जबकि एक समय में यह जनजाति इस इलाके के शहरी किसानों की सबसे ताकतवर जाति हुआ करती थी।
मक्का की दिशा में है प्रार्थना स्थल का आकार
करीब 1200 साल पुरानी यह मस्जिद एक आयताकार इमारत है जिसका ऊपरी सिरा खुला हुआ है। इसमें बना प्रार्थना स्थल आकार में गोल होने के साथ-साथ मक्का की दिशा में है, जहां की तरफ मुंह करके इबादत की जाती होगी। अनुमान है कि इसका इस्तेमाल उस वक्त किसान करते होंगे। इस इलाके में मस्जिद जैसी कोई संरचना पहली बार ही मिली है जो इजरायल की अब तक की सबसे पुरानी ज्ञात मस्जिदों में से एक है।
घरों में बैठक, आंगन, रसोई, भंडारगृह भी मिले
इस खुदाई में घरों के अंदर बैठक कक्ष, आंगन, भंडार कक्ष और रसोई घर भी मिले हैं। भोजन पकाने के लिए आग जलाई जलाने वाली कुछ जगहों के बारे में भी पुरातत्वविदों को पता चला है। यहां की आग रसोई घरों में ले जाई जाती थी। इसके साथ ही यहां एक खेत भी मिला है जिसके छठी या सातवीं शताब्दी के होने का अनुमान लगाया गया है।