सहभागिता प्रादर्शित जवाब देही को खुली चुनौती देती नजर आई सोशल आडिट टीम,
यम आइस रिपोर्ट व रोजगार सेवक के बीच उनके अभिलेख से मिलान करते हुए संपन्न कर ली गई सोशल ऑडिट,
मामला नाथ नगर विकासखंड के ग्राम पंचायत नटवा का बताया जाता है,


संत कबीर नगर 25 जनवरी 2025 पारदर्शिता सहभागिता जवाब देही के आधार पर जनपद में चल रहे सोशल ऑडिट के दौरान प्रचार प्रसार के अभाव में भीड़ जुटाना में ग्राम प्रधान व सोशल आडिट टीम रही नाकाम 10 लोगों के बीच में ऑडिट किया गया संपन्न,
मामला नाथनगर विकासखंड के अंतर्गत ग्राम पंचायत नटवा का है जहां ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अखिलेश शर्मा द्वारा सोशल ऑडिट ग्राम पंचायत में विकास कार्यों में खर्च किए गए धन व कार्यों का स्थल भौतिक सत्यापन करने के बाद बैठक की गई जिसमें मात्र 10 लोगों के बीच में सोशल ऑडिट संपन्न हुआ अपने आप में दम भरने वाला ब्लॉक कोऑर्डिनेटर अखिलेश शर्मा जो कभी 60व 70 और 100 के बीच के पहले ऑडिट नहीं किया करते थे आज क्या कारण है कि वह 10 लोगों के बीच में ही स्थलीय और भौतिक सत्यापन करने के बाद खुली बैठक मिस रिपोर्ट के आधार पर रोजगार सेवक के द्वारा मिलकर सत्यापन किया गया बताते चलें कि उक्त ग्राम पंचायत में काफी वितीय अनियमिता देखने को मिली जिसमें 16 जनवरी 2023 से 31 जनवरी 2024 में सुरेंद्र के खेत से बलुआ घाट रोड तक चक रोड पर मिट्टी का कार्य किया गया जिसमें 2 लाख ₹22000 का वित्तीय अनियमित देखा गया है जिसमें यह माना जाता है कि इन्होंने कार्य की रूपरेखा जो तैयार की वह जनवरी में दिखाया गया है जिस समय गेहूं की फसल चौतरफा नजर आती है ऐसे समय में चक रोड पर मिट्टी का कार्य कैसे किया गया दूसरी तरफ चुन्नीलाल के खेत से पोखरा तक चक रोड पर मिट्टी का कार्य 5 अक्टूबर 2023 से 20 अक्टूबर 2030 तक संपन्न कराया गया उसे समय भी धान की फसल जो तरफ नजर आती थी ऐसे में फसलों के मुताबिक जानकारी किसानों के मन तो अक्टूबर में धान की फसल काटने की कगार पर होती है यह सवाल उठना लाजिमी है कि ग्राम पंचायत सदस्यों द्वारा ऐसे समय में कार्य योजना का प्रारूप कैसे तैयार किया गया इतना ही नहीं तकनीकी सहायक द्वारा किस प्रकार इस्टीमेट व यम बी की गई उक्त कार्य में 686 मजदूर लगाए गए जिसमें 17780 रुपए का भुगतान किया गया जो पूरी तरह से तृतीय अनियमित का द्योतक है ऐसे समय में सोशल आडिट टीम द्वारा उन्हीं कार्यों की अदित की गई कहीं ना कहीं से अगर देखा जाए तो इस वित्तीय अनियमित के पीछे आडिट टीम व ग्राम प्रधान के बीच बीच आपसी तालमेल और सामंजस्य का घोतक दिखाई दे रहा है जिसको अपने आप में सोशल आडिट टीम के ब्लैक कोऑर्डिनेटर अखिलेश शर्मा द्वारा जो अपने आप में माने जाने वाले ऑडिटर हैं उनके द्वारा मात्र 10 लोगों के बीच में ही रोजगार सेवक को बैठक मिस रिपोर्ट से मिलान करते हुए ऑडिट खत्म कर दी ऐसे में सोचना यह है कि इस वित्तीय अनीता का क्या होगा जो शासन को खुली तरह से चुनौती दे रहा है,
के के मिश्रा जर्नलिस्ट