नई दिल्ली: कर्नाटक में जारी सियासी उठापटक जारी है। राज्य के जनादेश के आगे सियासी दलों की राजनीति कितनी हावी हो पाएगी और यहां की राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा, इसके लिए फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का इंतजार है। वहीं प्रदेश के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा सोमवार को फ्लोर टेस्ट के लिए अपना-अपना दावा ठोंक रहे हैं।
सीएम कुमारस्वामी ने विधानसभा में विश्वास मत प्रस्ताव का सामना करने की बात कही है। इधर, मुंबई में जमे 14 विधायकों ने शिरडी के साईं धाम का रुख कर लिया है। वहीं, स्पीकर की ओर से इस्तीफे अब तक स्वीकार न होने पर फिलहाल सुप्रीम कोर्ट के फैसले का इंतजार है।
कांग्रेस के एक नाराज विधायक नागराज ने अपने इस्तीफे पर विचार करने और अन्य कुछ विधायकों को भी इस्तीफा नहीं देने के लिए राजी करने की कोशिश करने की बात कही है। वहीं, दोनों तरफ से विधायकों को अपने खेमे में बनाए रखने के लिए जोड़-तोड़ की कोशिशें जारी हैं।
शनिवार देर रात सीएम कुमारस्वामी प्रेस्टिज गोल्फशायर क्लब पहुंचे, जहां उनकी पार्टी जेडीएस के विधायक ठहरे हुए हैं। माना जा रहा है कि विश्वास प्रस्ताव के लिए वह अपने विधायकों से बातचीत करने को लेकर वहां गए।
क्या है कर्नाटक का समीकरण
सत्तारूढ़ गठबंधन में अध्यक्ष को छोड़कर कुल 116 विधायक (कांग्रेस के 78, जद(एस) के 37 और बसपा के एक विधायक है। दो निर्दलीय विधायकों के समर्थन के साथ 224 सदस्यीय सदन में भाजपा के विधायकों की संख्या 107 है। अगर 16 विधायकों के इस्तीफे मंजूर किए जाते हैं तो गठबंधन में शामिल विधायकों की संख्या घटकर 100 रह जाएगी।
पांच और बागी विधायकों ने किया सुप्रीम कोर्ट का रुख
येदियुरप्पा बोले, सीएम इस्तीफा दें और नई सरकार बनने दें
खड़गे को हराने वाले भाजपा सांसद बोले, उन्हें सीएम बनाने पर खुशी होगी
सीएम कुमारस्वामी और पूर्व सीएम येदियुरप्पा के सरकार बचाने-बनाने के दावों से इतर भाजपा सांसद उमेश जाधव ने शनिवार को कहा कि यदि चिर प्रतिद्वंद्वी मल्लिकार्जुन खड़गे को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी।
भाजपा सांसद उमेश जाधव ने कहा कि मैं इसका स्वागत करूंगा। यदि एक अनुसूचित जाति के व्यक्ति को मुख्यमंत्री बनाया जाता है तो इससे मुझे सबसे ज्यादा खुशी होगी। जाधव ने ही लोकसभा में चुनाव में खड़गे को गुलबर्गा सीट से हराया था।
उनका बयान सत्तारूढ़ गठबंधन के 16 नाराज विधायकों के इस्तीफे के बाद राज्य में उत्पन्न राजनीतिक संकट के बीच आया है। ऐसी अटकलें हैं कि बागी विधायकों में कुछ इस संकट के समाधान के लिए एचडी कुमारस्वामी के अलावा किसी अन्य को मुख्यमंत्री के रूप में देखना चाहते हैं।
कांग्रेस में अनुसूचित जाति के नेताओं का एक वर्ग कथित रूप से इस बात पर जोर दे रहा है कि उनमें से किसी एक को मुख्यमंत्री बनाया जाए। वैसे जाधव पहले कांग्रेस में ही थे और बाद में वह भाजपा में शामिल हो गये थे।