“उदया इण्टरनेशनल स्कूल में चल रहे समर-कैम्प का द्वितीय व अंतिम चरण का हुआ समापन,
उम्र भर गाली भी यही भूल करता रहा धूल चेहरे पर थी आईना साफ करता रहा,
शैलेंद्र त्रिपाठी प्रधानाचार्य उदया इंटरनेशनल स्कूल भुजिनी संत कबीर नगर


संत कबीर नगर 18 मई 2024 उदया इण्टरनेशनल स्कूल में चल रहे ग्रीष्मावकाश प्रशिक्षण शिविर का दूसरा दिन लुभावने अंदाज में हुआ पूरा।
कार्यक्रम का शुभारंभ माँ सरस्वती के सम्मुख दीप प्रज्ज्वलित कर प्रधानाचार्य द्वारा किया गया कार्यक्रम का शुभारंभ , कार्यक्रम के प्रथम कड़ी में विजय कुमार सैनी द्वाराकराटे के कुछ नियमों को सभी नन्हे मुन्ने छात्र-छात्राओं को शिक्षा दी गई कार्यक्रम का मंच संचालन कर रही कक्षा 8वीं की छात्रा अदिति द्वारा श्रीमती अनीता त्रिपाठी के मार्गदर्शन में कियागया। बच्चों ने जुम्बा डांस के बाद का कार्यक्रम प्रधानाचार्य से सहमति प्राप्त कर शुरु किया।
विद्यालय में आए अतिथियों, अभिभावकों, स्वजनों का अभिवादन करते हुए स्कूल के प्रबंधक श्री उदयराज तिवारी ने बच्चों में सामाजिक मूल्यों का विकास किन-किन विधियों से हों उन सभी तथ्यों पर विचार-विमर्श करके ज्ञान का स्थानान्तरण शास्त्र और संविधान के नियमों के अनुसार युगल सामंजस्य के बिना एक स्वस्थ्य समाज की कल्पना संभव नहीं है,अतः आप सभी अभिभावकों से करबद्ध प्रार्थना है कि बच्चों के मनोशारीरिक विकास की प्रक्रिया में पारिवारिक वातावरण, मानसिक वातावरण को प्रदूषण मुक्त करने का यथा संभव प्रयास करें।
आपके बच्चे स्कूल में 6 घंटे रहते हैं, उनकी जिम्मेदारी स्कूल की। बाकी 18 घंटे आप के पास हैं, उसका उत्तरदायित्व आप सब का है। किन-किन कारकों से यथोचित शिक्षा में विघ्न आते हैं उन सभी कारकों की संभावना न हो, उसका ध्यान हमें और आप समस्त स्वजनों को रखना चाहिए। मानव अवस्थाओं की अपनी-अपनी अलग विशेषताएं हैं। उन सभी विशेषताओं के अनुसार विषयों का ज्ञान प्रदान किया जाए। ज्ञान को मूल्यों की जंजीर में जकड़कर पाठ्यक्रम के परिधि में रखते हुए शिक्षा स्थानान्तरित की जाए, जिससे रोजगार प्राप्त करना सरल हो सके।
नर्सरी के बच्चों ने ट्रेम्पोलिन, यू.के.जी. के बच्चों ने उछाल भरी गेंदबाजी की, एल.के.जी. के बच्चों ने वॉन्सी व कक्षा प्रथम ‘डाटगेम, कक्षा द्वितीय के बच्चों ने लैंड जोरविग, तीरंदाजी कक्षा-3 के बच्चे, कक्षा-4 के बच्चों ने बंदूक चलाना, क्रॉस तार, कक्षा-5 के बच्चों ने चढ़ने वाली रस्सी, रैंपलिंग, कक्षा-6 के बच्चों ने सूमों सूट बॉडी जार्ब तथा वर्मा ब्रिज, कक्षा-7 के बच्चों ने निंजा-बाधा, कक्षा-8 के बच्चों ने पेड़ पर चढ़ने वाला, कक्षा-9 के बच्चों ने जिप लाइन व कक्षा-10 के बच्चों नें कमांडों नेट क्रिया-कलापों से लुफ्त उठाया। इन सभी क्रिया कलापों की जिम्मेदारी निम्नलिखित अध्यापकों व अध्यापिकाओं को जाता है — श्रीमती मीरा सिंह, श्रीमती मधुलिका, कु. सुप्रिया, कु. शाहीन, श्रीमती रितिमा श्रीवास्तव, कु. प्रिया, कु. स्नेहा द्विवेदी, कु. अंकिता, कु. प्रज्ञा त्रिपाठी, कु. किरन, कु. पूजा अग्रहरी, कु. प्रगति गुप्ता, श्रीमती ममता त्रिपाठी, कु. काशिफा, श्री उमेश यादव, श्रीमती खुशबू पाण्डेय, श्री संदीप उपाध्याय, श्री संदीप वर्मा, श्री अम्बरीष पाण्डेय, श्री प्रवेश तिवारी, श्री कुलदीप पाण्डेय, श्री राजन, विद्यालय के समन्यवक श्री सूर्यसेन मिश्र, प्रधान लिपिक श्री शशांक तिवारी व श्री अभिषेक कुमार तथा श्री अनमोल तिवारी व विद्यालय परिवार के सभी सदस्यों के सहयोग से हुआ। उदया इण्टरनेशनल स्कूल के बच्चे पूर्ण आनंद भाव से ग्रीष्मावकाश प्रशिक्षण शिविर का लाभ प्राप्त किया।
उदया इण्टरनेशनल स्कूल के प्रधानाचार्य श्री शैलेन्द्र कुमार त्रिपाठी ने अपने संदेश में कहा कि शिक्षा मनुष्य का तृतीय नेत्र है, जिसकी पलक खुलने से जीवन का गूढ़ रहस्य दिखने लगता है और व्यक्ति देवत्व को प्राप्त हो जाता है। हर मानव में एक द्वंद बना रहता है। वह निष्कर्ष को प्राप्त नहीं कर पाता। परिणामतः संसार को प्राप्त नहीं कर पाता। परिणामतः संसार के दुःख झंझावातों में उलझकर रह जाता है। इन सभी दुःखमोचन का आधार है ज्ञान चक्षु। उन्होंने मिर्जा गालिब की एक शेर वाचन करते हुए कहा कि
“उम्र भर गालिब यही भूल करता रहा। धूल चेहरे पे थी, आईना साफ करता रहा।“
अर्थात् ज्ञान रूपी नयनों से प्रकृति को निहारो, अपने जीवन को सँवारो, सामाजिक झंझटो का पारदर्शी अवलोकन कर, स्वस्थ्य समाज में अपनी-अपनी भागीदारी उपस्थित करो। प्रधानाचार्य श्री एस.के. त्रिपाठी कम शब्दों में समझाते हुए, ग्रीष्मावकाश प्रशिक्षण शिविर को विराम करते हुए सबके प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
के के मिश्रा जर्नलिस्ट