

संत कबीर नगर – लगभग डेढ़ सौ करोड़ अचल संपत्ति के इकलौते वारिश श्री आर के राय ने भारतीय प्रजापति महासंघ एकीकरण महाअभियान भारत बर्ष रजि. के माध्यम से दुनिया के सबसे बड़े शिल्पकार कौम प्रजापति समाज एवं अन्य गरीब कमजोर आम जनमानस के सामाजिक आर्थिक शैक्षिक और राजनैतिक के शून्य स्थिति को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का नारायणी वचन जनेऊ पकड़ कर लिया है। दिनांक 1 सितंबर को खलीलाबाद में संपन्न हुए कार्यक्रम के बीच श्री आर के राय द्वारा भरे मंच पर पत्नी सहित बतौर प्रधान संरक्षक प्रारंभिक सदस्यता ग्रहण करने के रूप में संगठन की ओर से संत कबीर नगर में जनता दरबार लगाने हेतु समय जी के स्थान पर कार्यालय निर्माण कार्य, कूलदेवी श्री यादे मां और भगवान दक्ष के मंदिर निर्माण हेतु माहनपान में 15 बिस्वा जमीन दान एवं संगठन को सुचारु रूप से चलाने हेतु बाधक साधन संशाधन की पर्याप्त व्यवस्था हेतु 1 चार पहिया वाहन समेत 18 मोटरसाइकिल, 9 स्कूटी, दर्जनों एंड्रॉयड फोन एवं सिलाई मशीन आदि जल्द से जल्द उपलब्ध कराने की घोषणा स्वेच्छा से की गई। इसको लेकर प्रजापति समाज में काफी उत्साह भरा माहौल तैयार हो रहा है कि सदियों से दबा पछाड़ा मेनहतकस कलाकार कौम की दिशा और दशा संभवतः बदल जाएं इस दानदाता के माध्यम से। बेरोजगारों को आत्मनिर्भर बनाने हेतु व्यवसायिक उद्देश्य से कल दिनांक 3.9.2023 को गोरखपुर में आयोजित बड़े कारोबारियों की बैठक में हम दोनों लोगों की उपस्थिति निश्चित है बकिया आगे समय बताएगा कि प्रत्यक्ष के लिए प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती और प्रजापति एकीकरण महाअभियान ही टुकड़े टुकड़े गैंगो को ध्वस्त करके देश का सबसे शस्ख्त और ताकतवर संगठन साबित होगा क्योंकि एकीकरण शब्द का पहला प्रयोग उस समय देश में बढ़ती अराजकता को देखते हुए लौहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल ने किया था जिससे अनेकता में भी एकता का नारा बुलंद हुआ किन्तु उनके मरणोपरांत एकीकरण कागजी कोरम बनकर रह गया था जिसे अब भारतीय प्रजापति महासंघ एकीकरण महाअभियान भारत बर्ष रजि.गति दे रहा है ,
के के मिश्रा जर्नलिस्ट