
संत कबीर नगर 19 जून 2023 पारदर्शिता सहभागिता के आधार पर जनपद में चल रहे सोशल ऑडिट के दौरान विकासखंड बघौली के अंतर्गत ग्राम पंचायत कुरियापार बेलहसा में जिला विकास अधिकारी के द्वारा औचक निरीक्षण के दौरान टीम के बीआरपी को ग्राम पंचायत प्रधान पंचायत सेक्रेट्री और टीए द्वारा कराए गए कार्यों का इन लोगों के द्वारा किसी भी तरह का सहयोग नहीं प्रदान किया गया जिसकी सूचना पर मौके पर साइन पहुंचकर बहुत स्पष्ट शब्दों में जिला विकास अधिकारी द्वारा बताया गया कि सोशल ऑडिट कर रहे टीम को अगर सहयोग नहीं दिया जाता है तो इन लोगों के विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई करते हुए शासन को पत्र लिखा जाएगा, क्योंकि जिला विकास अधिकारी को इस इस तरह की शिकायतें बार-बार मिलती रहती हैं जिसके अनुपालन में जिला विकास अधिकारी द्वारा जनपद में चल रहे सोशल ऑडिट टीम के द्वारा खुली बैठक का औचक निरीक्षण किया गया इस दौरान तमाम कमियां पाई गई उन कमियों को लेकर जिला विकास अधिकारी द्वारा अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए बताया गया कि शासन के द्वारा विकास कार्यों में दिए गए पैसों का तथा ग्राम पंचायत द्वारा कराए गए तारों का उक्त टीम द्वारा स्थलीय और भौतिक सत्यापन के बाद खुली बैठक के माध्यम से जनता के बीच सीधे संवाद में उनकी कमियों व उपलब्धियों का उजागर किया जाता है कहीं तो यह देखने में मिला है कि ग्राम पंचायतों के ग्राम प्रधान सहयोग नगर बल्कि किसी बीमारी का बहाना बनाते हुए खुली बैठक से बाहर हो जाते हैं यह कहते हुए कि रोजगार सेवक तो है इनके पास कोई रिकॉर्ड उपलब्ध होता है टीम के द्वारा रिकॉर्ड मांगने पर बहुत स्पष्ट शब्दों में बता दिया जाता है कि हमारी फाइलें ब्लॉक में हैं पंचायत सेक्रेट्री अपने पास रखते हैं काम कराए ग्राम प्रधान फाइल रखे सेक्रेटरी यह कहां का पंचायत नियमावली में है यदि है तो तो उसके बारे में क्यों नहीं टीम जानकारी रखते बहराल जिला विकास अधिकारी द्वारा उक्त त्योहार को देखते हुए ग्राम पंचायतों में तहलका मचा हुआ है अब क्या होगा यही हाल रहा कुरियापार बेलहसा में जहां ग्राम प्रधान पंचायत सेक्रेट्री टीए और अन्य संबंधित अधिकारियों द्वारा वी आर पी ज्ञान सिंह को कोई सहयोग नहीं दिया गया जिसकी सूचना मिलने पर तत्काल जिला विकास अधिकारी द्वारा मौके का मुआयना करते हुए अनुपस्थित पाए गए अभिलेख संबंधित अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए शासन को पत्र लिखने के लिए बताया उन्होंने कहा कि किसी भी तरह की लापरवाही करने वाले टीम या ग्राम पंचायत या ग्राम प्रधान अपनी खैर ना समझे विकास कार्यों के साथ धोखाधड़ी करने वाले ग्राम प्रधानों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रिकवरी भी कराई जाएगी,उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जन कल्याणकारी योजनाओं के लिए ग्राम पंचायतों में दिए गए पैसों का प्रत्येक वित्तीय वर्ष में शासन के निर्देशन के क्रम में जिला सोशल ऑडिट टीम के द्वारा ग्राम पंचायतों का भौतिक स्थलीय सत्यापन करने के बाद खुली बैठक के माध्यम से ग्राम प्रधान के द्वारा के कराए गए कार्यों का आम जनता के बीच एमआईएस रिपोर्ट के माध्यम से बिंदुवार जानकारी दी जाती है,
के के मिश्रा जर्नलिस्ट