
- करीब चार साल पूर्व निर्माण किया गया था पंचवटी मंदिर परिसर में प्याऊ
- पीने के पानी के लिए लोगों को पड़ता है भटकना
संत कबीर नगर 31मई 2026 मगहर। संत कबीर की महा परिनिर्वाण स्थली के निकट आमी नदी के तट पर स्थित प्राचीन पंचवटी शिव मंदिर के समीप बने घाट पर नगर पंचायत ने लगभग चार साल पूर्व पेयजल प्याऊ का निर्माण कराया था।प्याऊ निर्माण होने के बाद से अब तक टंकी और टोटी से महरूम हो कर मात्र शो पीस बन कर रह गया है। यात्रियों एवं श्रद्धालुओं को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ता है ।
प्राचीन पंचवटी शिव मंदिर पर दर्शन पूजा पाठ करने के लिए रोजाना आस पास के लोग आते रहते हैं।तीर्थ यात्रियों,श्रद्धालुओं और राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए नगर पंचायत ने लगभग चार साल पूर्व के कार्यकाल में घाट पर दो प्याऊ टोटी वाला निर्माण कराया था।जिस पर पानी की टंकी लगाई जानी थी।ताकि मंदिर व घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं तथा पर्यटकों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध हो सके। लेकिन लगभग चार साल बीत जाने के बावजूद टोटियों के ऊपर पानी की टंकी नहीं लगाई गई जिसके कारण से प्याऊ शोपीस बन कर रह गया और पूरी व्यवस्था अधूरी पड़ी हुई है।स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्मी के मौसम में घाट और मंदिर परिसर में आने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी उठानी पड़ती है। पेयजल व्यवस्था अधूरी होने के कारण लोगों को भटकना पड़ता है।कस्बे के निवासी सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुल रहमान उर्फ विक्की खान ने प्याऊ की दुर्व्यवस्था की शिकायत मुख्यमंत्री जन सुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराते हुए अधूरी पड़ी पेयजल व्यवस्था को शीघ्र पूर्ण कराने की मांग की है। उन्होंने कहा कि प्याऊ के निर्माण में लाखों रुपये खर्च कर टोटियां बिना टंकी के बेमतलब साबित हो रही हैं और संबंधित विभाग को जल्द इस ओर ध्यान देना चाहिए।कबीर निर्वाण स्थली कबीर चौरा परिसर में बैशाख और ज्येष्ठ के महीने में चिलचिलाती धूप और गर्म हवा के थपेड़ों को सहते हुए पर्यटकों का आना होता है।इस दौरान उन्हें प्यास लग गई और पीने के पानी की जरूरत पड़ने पर उसे भटकना पड़ता है।कुछ इसी तरह का मामला कबीर मजार और पंचवटी शिव मंदिर पर देखने को मिला।जहां पर लगे इण्डिया मार्का हैण्ड पम्प का पानी पीने के योग्य नहीं है।पीने के पानी की समस्या को दूर करने के लिए नगर पंचायत ने लाखों ₹ खर्च कर शिव मंदिर के निकट वाटर सप्लाई की टोटी वाले प्याऊ का निर्माण करवाया है।प्याऊ का तो निर्माण करा दिया गया लेकिन उस टोटी से पानी नहीं मिलता है।इतना ही नहीं प्याऊ पर कोई टंकी भी नहीं है और न ही टोटी लगी है।जो हाथी का दांत बन कर दिख रहा है।प्रचीन पंचवटी शिवमन्दिर परिसर में आये दिन मांगलिक कार्यक्रम होते रहते हैं।इसके साथ ही बाहर के दूरदराज क्षेत्र से पर्यटकों का भी आना जाना लगा रहता है।ऐसे में इस प्रचण्ड धूप में पीने के पानी की व्यवस्था नहीं होने से लोगों को परेशान होना पड़ता है। ठेकेदार के नजदीकी सभासद ने मुखर विरोध न करते हुए कहा कि कबीर चौरा परिसर में पंचवटी शिव मंदिर व समरधीर बाबा मंदिर के निकट हजारों ₹ की बजट से पीने के पानी के लिए टोटी लगवाई गई है।इस निर्माण कार्य में लाखों रुपये खर्च किए गए हैं। इस कार्य को करने वाले ठेकेदार का भुगतान भी हो चुका है लेकिन टोटी पानी के लिए तरस रही है तो राहगीरों की प्यास कैसे बुझेगी।
जनसूचना में कुछ अलग तथ्य आए सामने
मगहर।नगर पंचायत द्वारा प्राचीन पंचवटी शिव मंदिर के निकट स्थित प्याऊ के निर्माण के सम्बन्ध में सामाजिक कार्यकर्ता अब्दुर्रहमान विक्की खान ने जनसूचना मांगा।जिसके क्रम नगर पंचायत कार्यालय द्वारा अवगत कराया गया कि आमी नदी शिव मंदिर के निकट घाट पर प्याऊ निर्माण के लिए कोई कार्यादेश नहीं दिया गया है।जबकि यात्रियों व श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए पीने के पानी का एक स्टील टैंकर प्रतिदिन उपलब्ध रहता है।जब कार्यादेश नहीं दिया गया तो किसने और कैसे प्याऊ का निर्माण कार्य किया ? यह जांच का विषय बना हुआ है।
के के मिश्रा जर्नलिस्ट